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ठण्डे बस्ते में हैं कॉमन फैसेलिटी सेंटर

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ठण्डे बस्ते में हैं कॉमन फैसेलिटी सेंटर

दौसा/लवाण. विश्व प्रसिद्ध लवाण के दरी उद्योग को विकसित करने के लिए पिछले वर्षों सरकार ने लवाण में 3 करोड़ रुपए की लागत से कॉमन फैसेलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए लवाण में पंचायत समिति के समीप जमीन भी आवंटित कर दी, लेकिन अभी भी सीएफसी निर्माण ठण्डे बस्ते में हैं।


लवाण में दरी बुनाई कारखानों के मालिक दरी उद्योग को विकसित कराने के लिए उद्योग विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक न उनको आवंटित जमीन पर कब्जा मिला है और ना ही इसके निर्माण की कोई अन्य कार्यवाही शुरू हो पाई है। यदि कॉमन फैसेलिटी सेंटर स्थापित हो जाए तो लवाण ही नहीं आस-पास के गांवों के बुनकरों को भी फायदा मिलेगा।

सीएफसी में होगा यह काम


लवाण में दरी उद्योग को विकसित करने के लिए बनाए जाने वाले सीएफसी में डिजायन सेंटर, टेंस्टिंग सुविधा, मार्केटिंग डिस्पले, अनुसंधान हॉल, प्रशिक्षण केन्द्र, ब्रिकी केन्द्र, मिटिंग हॉल, सूखने की मशीन आदि बनाए जाते हैं। इन सभी सुविधाओं से अन्य व्यापारियों को भी बढ़ावा मिलता है।

जमीन आवंटित हो गई


लवाण के दरी उद्योग को विकसित करने के लिए बनाए जाने वाले सीएफसी के लिए सरकार ने कस्बे की पंचायत समिति के समीप 36 एयर भूमि का भी आवंटित कर दिया, लेकिन यह भूमि अभी तक कागजों में ही है। तहसीदलदार ने अभी इस भूमि का सीमाज्ञान नहीं कराया है। ऐसे में जब तक जमीन का सीमाज्ञान नहीं होगा तब तक सीएफसी की आगे की कार्यवाही नहीं होगी।

आर्थिक मंदी में दम तोड़ गया था उद्योग


वर्ष2005 की आर्थिक मंदी के बाद लवाण का दरी उद्योग दम तोड़ता चला गया। आर्थिक मंदी से पहले यहां करीब छह दर्जन दरी कारखाने थे। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार के करीब 2 हजार मजदूर काम करते थे। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलता था, लेकिन धीरे-धीरे दरियों का काम कम होता गया और आज स्थिति यह है कि लवाण में आठ-दस कारखाने बचे हैं। जबकि यहां की दरियां इग्लैण्ड, अमरीका, फ्रांस समेत कई देशों में बिकने जाती थी।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेज रखी है


लवाण कस्बे में पंचायत समिति के समीप सीएफसी के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है, लेकिन तहसीलदार ने सीमाज्ञान नहीं कराया है। उद्योग विभाग के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगी थी, वह भी दे रखी है। इसके बाद भी विभाग के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
- शम्भूसिंह गहलोत, अध्यक्ष लवाण दरी, कलस्टर एवं हथकरघा विकास