
गुढ़लिया-अरनिया ग्राम पंचायत गादरवाड़ा गूजरान के गुवाड़ा स्कूल का नया भवन एवं बच्चों को पढ़ाते शिक्षक। Photo- Patrika
बांदीकुई/गुढ़लिया-अरनिया। एक ओर सरकारी विद्यालय शिक्षक एवं व्याख्याताओं की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं बांदीकुई उपखंड क्षेत्र में एक सरकारी विद्यालय ऐसा भी है जिसमें मात्र 6 छात्रों पर 3 शिक्षक लगे हुए हैं। जिन्हें करीब पौने दो लाख रुपए मासिक वेतन मिलता है। ऐसे में यदि वेतन के हिसाब से आंकलन करें तो सरकार एक बच्चे की पढ़ाई पर करीब 29 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह खर्च कर रही है। जो कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गादरवाड़ा गूजरान का राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुवाड़ा जो कि पहले गुवाड़ा गांव के समीप संचालित था, लेकिन समीप ही खान होने ब्लास्टिंग होने से पत्थर उछलकर विद्यालय परिसर में आ जाते थे। इससे स्कूल भवन में दरार भी आ गई और छात्रों की सुरक्षा को लेकर खतरा मंडरा रहा था।
इसके बाद इस विद्यालय के लिए गुवाड़ा गांव को छोड़ रामपुरा तन में भूमि आवंटित कर दी गई। जहां भवन निर्माण पर भी करीब 25 लाख रुपए खान मालिक एवं सरकार की ओर से खर्च कर सुसज्जित भवन का निर्माण किया गया और जून 2025 में नए भवन में शिफ्ट कर नए सत्र से विद्यालय संचालित कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय गुवाड़ा के नाम से रामपुरा तन में संचालित है। जबकि इसे गुवाड़ा में ही संचालित किया जाना चाहिए। इसको लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने बच्चों की विद्यालय से टीसी कटवाकर दूसरी विद्यालय में प्रवेश दिला दिया। ऐसे में अब 6 छात्रों का नामांकन रह गया है। जिनके भी दूसरी विद्यालय में जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि गत दिनों शून्य एवं कम नामांकन होने पर राज्य के 261 विद्यालयों को समीप स्थित स्कूलों में मर्ज कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी घटते नामांकन को रोकने में शिक्षा विभाग असफल होता दिखाई दे रहा है।
यह विद्यालय गांव से काफी दूर है और रास्ते भी ऊबड़-खाबड़ छात्रों का पहुंचना भी मुश्किल है। ऐसे में इन 6 छात्रों को घर से प्रतिदिन शिक्षक ही बाइकों पर बैठाकर लाते हैं और छुट्टी होने पर वापस घर छोड़ने जाते हैं।
हालांकि शिक्षक भी नामांकन बढ़ाने को लेकर प्रयासरत हैं, लेकिन ग्रामीणों में विद्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर आक्रोश है। जबकि गत सत्र में इस विद्यालय के नामांकन में करीब 19 छात्र थे, लेकिन अब शिक्षकों के लिए चुनौती बना हुआ है।
खास बात यह है कि ढोलका स्कूल में शून्य नामांकन होने पर यहां कार्यरत एक शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर तक गुवाड़ा स्कूल में लगा रखा है। जबकि सरकार की ओर से प्रतिनियुक्ति निरस्त करने के आदेश हैं।
पहले गुवाड़ा गांव के समीप स्कूल संचालित होने पर नामाकंन पर्याप्त था, लेकिन खान में ब्लास्टिंग होने पर पत्थर उछलकर स्कूल में आते थे। इसके चलते सुरक्षा का खतरा मंडरा रहा था। इस पर प्रशासन ने गुवाड़ा स्कूल के लिए रामपुरा तन में भूमि आवंटन करवा दी। जहां खान मालिक ने प्रशासन के सहयोग से विद्यालय भवन का निर्माण भी करा दिया, लेकिन यह विद्यालय काफी दूर एवं रास्ता ऊबड़ खाबड़ होने से अभिभावक बच्चों की टीसी कटवाकर दूसरे विद्यालय में प्रवेश दिला रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों को समझाइश कर बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
प्रवेशोत्सव अभियान के बाद अब सभी विद्यालयों से छात्र नामांकन की सूचना मांगी जा रही है। जिसके बाद ही हकीकत पता चल सकेगा। वैसे गत वर्ष की तुलना में नामांकन बढ़ा है। क्षेत्र में 4 से 5 विद्यालय ऐसे हैं। जिनमें नामांकन कम था। सभी शिक्षक नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
Updated on:
26 Aug 2025 05:09 pm
Published on:
26 Aug 2025 03:44 pm
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
