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परिजनों ने किया हंगामा, चिकित्साकर्मी एपीओ

उपचार में लापरवाही बरतने एवं रुपए मांगने का आरोप
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परिजनों ने किया हंगामा, चिकित्साकर्मी एपीओ

बांदीकुई. राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक महिला के परिजनों ने उपचार में लापरवाही बरतने एवं रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। महिला चिकित्सालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया और चिकित्सालय प्रभारी के समक्ष रोष जताया। परिजन सम्बंधित चिकित्साकर्मी को मौके पर बुलाए जाने की मांग पर अड़ गए। बाद में थाना प्रभारी कर्णसिंह राठौड़ ने मय जाब्ते मौके पर पहुंच समझाइश की और महिला को गंभीरावस्था में जयपुर रैफर कराया।

वहीं चिकित्साकर्मी को एपीओ कर मुख्यालय दौसा कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार झूंपड़ीन निवासी रामावतार गुर्जर अपनी पत्नी सुभान देवी की तबीयत बिगडऩे पर रविवार को राजकीय चिकित्सालय लेकर गया। जहां कार्यरत चिकित्साकर्मी ने देख गर्भ में बच्चा खराब हो जाना बताया और सफाई कराने की सलाह दी। इस पर पति सफाई कराने के लिए सहमत हो गया। कुछ देर बाद ही चिकित्साकर्मी ने महिला को घर भेज दिया।


सुबह महिला के मृत बच्चा हो गया और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर परिजन महिला को वापस राजकीय चिकित्सालय ले आए। चिकित्सकों ने महिला की जांच की तो स्थिति बिगडऩे पर भर्ती कर लिया।


परिजनों का आरोप है कि चिकित्साकर्मी ने सफाई भी नहीं की और रुपए रख लिए। यदि सफाई करता तो मृत बच्चें के टुकड़े बाहर नहीं आते। गुस्साए परिजनों ने महिला चिकित्सालय का मुख्य द्वार बंद कर विरोध जताना शुरू कर दिया। वहीं परिजन चिकित्सालय प्रभारी से सम्बंधित कार्मिक को मौके पर बुलाए जाने की मांग पर अड़ गए। करीब दो घण्टे तक मामला चलने के बाद सूचना पर थाना प्रभारी कर्णसिंह राठौड़ भी मौके पर पहुंच गए। जहां थाना प्रभारी ने मामले की जांच कर अपेक्षित कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया और महिला को एम्बूलेंस से गंभीरावस्था में जयपुर रैफर कर दिया। मौके पर भीड़ एकत्रित हो जाने के कारण एक बार तो तनाव की स्थिति बन गई।


उधर चिकित्सालय प्रभारी डॉ. रामनिवास मीणा का कहना है कि परिजनों की शिकायत से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दौसा को वस्तुस्थिति करा दिया। सीएमएचओ के निर्देश पर चिकित्साकर्मी पवन कुमार मीणा को एपीओ कर दिया गया है। उधर चिकित्साकर्मी पवन कुमार का कहना है कि रुपए मांगने से जुड़े आरोप बेबुनियाद हैं।