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राजस्थान में यहां विशाक्त भोजन से दो दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत खराब

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दौसा

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Nidhi Mishra

Jan 15, 2019

more than 12 people sick due to poisonous food

more than 12 people sick due to poisonous food

दौसा। नांगल राजावतान उपखण्ड के टोडरवास गांव में विशाक्त भोजन से दो दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत खराब हो गई। मरीजों को पेट दर्द व दस्त की शिकायत होने पर पीएचसी नांगल राजावतान में उपचार कराया गया। लोगों ने भैरूजी बाबा स्थान पर हुए दाल पुए खाए थे। चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर मरीजों का उपचार किया।

स्वाइन फ्लू का काढ़ा पिलाया
उधर, राजकीय आयुर्वेदिक औषद्यालय बैजूपाड़ा में उपनिदेशक दौसा रमाकांत शर्मा के निर्देश पर बीते शुक्रवार को स्वाइन फ्लू रोधी काढ़ा पिलाया गया। उन्होंने बताया कि स्कूली छात्रों सहित 815 ग्रामीणों को यह काढ़ा पिलाया गया। वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी धर्मबोध अवस्थी ने स्वाइन फ्लू रोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू (वातश्लेष्मिक ज्वर) आयुर्वेदिक के हिसाब से संक्रमण रोग है। यह रोग सर्दी के दिनों में अधिक होता है। इससे अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें नाक से पानी आना, नाक बंद होना, गले में खराश, सर्दी-खांसी एवं बुखार, सिर दर्द, थकान, ठण्ड का लगना, बार-बार छींक आना, उल्टी-दश्त एवं पेट में दर्द होना स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। यह रोग अपने लक्षण सात दिवस में दिखाता है। इससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।