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अब शव को सुरक्षित रखने के लिए नहीं लगानी पड़ेगी बर्फ

जिला चिकित्सालय में 6 शव रखने की क्षमता का डीप फ्रिज लगेगा
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अब शव को सुरक्षित रखने के लिए नहीं लगानी पड़ेगी बर्फ

दौसा. जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में शवों को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की सिल्ली लगाने की परेशानी से निजात मिल सकेगी। इसके लिए छह शव रखने की क्षमता वाला डीप फ्रीज लगाया जाएगा। अभी तक यहां केवल एक ही शव को रखने की सुविधा थी। उसे भी एक दिन से अधिक सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की सिल्लियां लगानी पड़ती थी या फिर शव को 55 किलोमीटर दूर जयपुर भेजना पड़ता था।


जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय में वर्ष 2018 में 239 एवं वर्ष 2019 में जनवरी से लेकर अभी तक 76 शवों के पोस्टमार्टम हुए हंै। ऐसे में हत्या, दुर्घटना, संदिग्ध कारण से मौत का खुलासा करने एवं अज्ञात शवों की शिनाख्तगी के लिए कई दिनों तक शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की सिल्लियां लगाकर काम चलाना पड़ता था, लेकिन ये भी पिघल जाती थी। इसके लिए अलग से कोई बजट भी नहीं आता है।

वहीं शवों के कई दिन पुराने होने होने पर उनमें सड़ांध आने से पुलिसकर्मियों एवं चिकित्सकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में अब चिकित्सालय की मोर्चरी में 20 बाई 25 फुट का 6 शव की क्षमता का डीप फ्रिज लगाया जाएगा। इससे कई वर्षों से चली आ रही समस्या से निजात मिल सकेगी।


जिला कलक्टर के प्रयास लाए रंग


एक ओर तो जिले के सिकन्दरा एवं मण्डावर में काफी दिन पहले आए हुए डीप फ्रिज समुचित प्रबंध के अभाव में अनुपयोगी पड़े हुए थे। वहीं दूसरी ओर जिला चिकित्सालय में डीप फ्रिज नहीं होने से शवों को सुरक्षित रखने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी। ऐसे में जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी के प्रयास से सिकन्दरासे डीप फ्रिज यहां शिफ्ट हुआ है। (दौसा ग्रामीण)

केस-1
शव भेजना पड़ा जयपुर
गंगापुर-सिकन्दरा मार्ग पर कूचों के समीप गत वर्ष युवती की लाश मिली थी। ऐसे में मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने उसकी शिनाख्त के लिए शव को जिला अस्पताल में रखवाया। डीप-फ्रिज नहीं होने के कारण शव को खराब होने से बचाने के लिए बाद में जयपुर भेजना पड़ा।

केस-2
पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
भरतपुर से आ रहे एक जने की गत वर्ष बस में सफर के दौरान ही मौत हो गई। परिजनों का पता लगाने के लिए शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, लेकिन बर्फ लगाने के बाद भी शव में सडांध आने पर शिनाख्त हुए बिना ही पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करा दिया।

जिला चिकित्सालय में शवों को सुरक्षित रखने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या से निजात के लिए डीप फ्रिज इंस्टाल किया जा रहा है।
डॉ. सीएल मीना, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय, दौसा