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एक ओर मोहताज तो दूसरी ओर व्यर्थ बहता पानी

दूषित पानी पीने को मजबूर हैं लोग
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एक ओर मोहताज तो दूसरी ओर व्यर्थ बहता पानी

बांदीकुई. एक ओर शहर में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर कई जगह लीकेजों से पानी व्यर्थ बह रहा है। जलदाय विभाग व प्रशासन कार्रवाई के नाम पर आंखें मूंदकर बैठा है। लोगों को गदला एवं दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों शहर में 8 से 10 दिन दिन मेें एक बार मात्र आधा घण्टे पानी मिल रहा है। लोग पानी की समस्या से त्रस्त हैं।


जलदाय विभाग के स्थित जलस्त्रौत भी अब गर्मी के शुरू होने के साथ ही जवाब देने लगे हैं। इससे विभागीय अधिकारी भी अब बेबस दिखाई देने लगे हैं, लेकिन शहर में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों से पानी व्यर्थ बह रहा है। क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को बदलवाए जाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है।


लोंगों का कहना है कि लीकेजों से काफी मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता है। सप्लाई बंद करने पर यह पानी वापस नलों में पहुंच रहा है। कई जगह तो नालियों में स्थित पाइप लाइन तक क्षतिग्रस्त है। गंदा एवं दूषित पानी नलों में आने से संक्रमण फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
शहर के महाराणा प्रताप कॉलोनी में लीकेज से काफी मात्रा में पानी बह रहा है।

लोगों ने कई बार जलदाय विभाग कार्यालय में शिकायत भी दर्ज करा दी, लेकिन दर्ज शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अलावा शहर में सिकंदरा रोड एवं बसवा रोड पर भी कई जगह पाइप लाइन लीकेज है। उधर जलदाय विभाग के सहायक अभियंता राजेश शर्मा का कहना है कि लीकेज के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला है तो जांच कर पाइप लाइन को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।

पालिकाकर्मियों ने नारे लगाकर जताया विरोध


बांदीकुई. नगरपालिका कार्यालय में कार्यरत कार्मिक एवं सफाईकर्मियों ने वेतन भुगतान में देरी होने पर शुक्रवार को बैंक प्रशासन के खिलाफ नारे लगाकर विरोध जताया। कार्मिकों ने बताया कि वेतन उपकोषाधिकारी कार्यालय बसवा से 1 जून 2018 को ईसीएस से करवा दिया गया था। एक ही बिल बनाकर भुगतान के लिए भेज दिया गया, लेकिन अभी तक उनके मरुधरा बैंक स्थित खाते में वेतन जमा नहीं हुआ है।


जानकारी करने पर एसबीआई शाखा से क्लीयरेंस होना नहीं बताया जा रहा है। जब कार्मिक एसबीआई जाते हैं तो वहां संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जाता है। जबकि 7 -8 कार्मिकों का वेतन 2 जून को ही खाते में जमा हो चुका है। गत 6 माह से वेतन तय समय पर जमा नहीं होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझना पड़ता है। इस बारे में अधिशासी अधिकारी एवं बैंक प्रशासन से भी कई बार वस्तुस्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।

उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक, जमादार कालू हरियाणा, कैलाशी देवी, बंटी, संतोष, बबीता, गुरुदयालसिंह, भजनलाल, विनोद कुमार, अशोक कुमार, जगदीशप्रसाद, राकेश कुमार, राजेन्द्र कुमार, विशम्भरदयाल जोशी, संतोष देवी सहित अन्य लोगों ने भी विरोध जताया। उधर नगरपालिका चेयरमैन लक्ष्मी जायसवाल का कहना है कि इस बारे में रेल प्रशासन से बात कर वेतन समय पर कराने का प्रयास किया जाएगा। बैंक प्रशासन का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा कोई वेतन भुगतान से जुड़ा मामला है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।