जेब ढीली करने को मजबूर मरीज

जेब ढीली करने को मजबूर मरीज

Rajendra Kumar Jain | Publish: Nov, 10 2018 12:49:50 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 12:49:51 PM (IST) Dausa, Dausa, Rajasthan, India

सीबीसी मशीन खराब: मरीजों को हो रहा है आर्थिक नुकसान

बांदीकुई . इन दिनों में क्षेत्र मेंं वायरल बढ़ता जा रहा है। घर-घर में बुखार के मरीज ग्रसित हैं, लेकिन राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय मे सीबीसी मशीन खराब हो जाने से मरीजों को जेब ढीली करके निजी नर्सिंग होमों पर जांच करानी पड़ रही है। इससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, लेकिन चिकित्सालय प्रशासन का मरीजों की सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में सीबीसी मशीन जांच सुविधा शुरू हुई थी। इस जांच के चालू होने से मरीजों को काफी हद तक राहत मिली, लेकिन अब मशीन के खराब होने से मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह मशीन काफी समय से खराब पड़ी हुई है। अब तक करीब डेढ़ लाख से अधिक मरीजों की सीबीसी जांच हो चुकी है। यदि मशीन ठीक हो जाए तो काफी हद तक मरीजों को आर्थिक रूप से राहत मिल सकती है। मरीजों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को अवगत करा दिया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। खास बात यह है कि वर्तमान में मौसम के बदलाव के साथ ही वायरल फैल रहा है।
बुखार के मरीज आने पर सीबीसी जांच आवश्यक कराई जाती है। मशीन खराब होने से निजी नर्सिंग होम संचालक चांदी कूट रहे हैं। इन दिनों राजकीय चिकित्सालय का आउटडोर भी 800 से 1 हजार के बीच पहुंच गया है। यहां राजगढ़, सिकराय एवं महुवा तहसील क्षेत्र तक के मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसके अलावा यहां सोनोलोजिस्ट चिकित्सक लगाने केे एक माह बाद भी सोनोग्राफी जांच की सुविधा चालू नहीं हो सकी है। मरीजों ने बताया कि वर्ष 2015 से सोनाग्रााफी मशीन रखी धूल फांक रही है। मरीजोंं के साथ लोगों ने कई बार विरोध-प्रदर्शन भी किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
चिकित्सालय प्रभारी डॉ.रामनिवास मीणा का कहना है कि मशीन खराब होने पर सम्बंधित कंपनी को अवगत कराया। सम्बंधित कर्मचारियों ने आकर भी मशीन की भी जांच की, लेकिन मशीन का कोई पार्ट बदलेगा। इसलिए परेशानी हो रही है। सोनोलॉजिस्ट का चिकित्सक नेे प्रशिक्षण तो ले लिया, लेेकिन अभी तक परीक्षा नहींं हुई है। परीक्षा होने केे बााद प्रमाण पत्र मिलने पर ही सोनोग्रा्रफी जांच की सुविधा शुरू हो सकेगी। (नि.सं.)


मानपुरिया व बैजवाड़ी में मिले डेंगू के मरीज
नांगल राजावतान. उपखण्ड के गांव मानपुरिया कोठया में डेंगू का मरीज मिलने पर चिकित्सा विभाग की टीम ने शुक्रवार को गांव में पहुंचकर लोगों के रक्त के नमूने लिए। राजकीय आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नांगल राजावतान के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रामजीलाल मीना ने बताया कि रिंकू (25) पुत्र गैंदाराम मीना निवासी मानपुरिया कोठया जयपुर में रामबाग सर्किल पर रिजर्व बैंक शाखा में सुरक्षाकर्मी की नौकरी करता है। जयपुर में ही 26 अक्टूबर को बुखार आया। वह 27 को गांव आया। उसने बुखार की दवा ली। इसके बाद 28 को वह वापस जयपुर नौकरी पर चला गया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर 30 अक्टूबर को एसएमएस अस्पताल में दिखाया। जांच के दौरान उसे डेंगू बुखार की पुष्टि हुई। चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर 54 घरों का सर्वे कर 8 लोगों के रक्त के नमूने लिए। 7 जगहों पर एमएलओ डाल फोगिंग की गई।
ब्लॉक टीम में मलेरिया निरीक्षक गंगासहाय मीना ने बताया कि गांव बैजवाड़ी में महेन्द्र मीना पुत्र रामकिशन निवासी नदीवाली ढाणी जयपुर में टोंक फाटक क्षेत्र में रहकर पढ़ाई करता है। वह कई दिनों से बीमार चल रहा था। उसके 25 अक्टूबर को बुखार होने निजी अस्पताल से दवा ली। 29 अक्टूबर को एसएमएस में दिखाया। वहां पर जांच के दौरान उसके डेंगू होना पाया गया। सूचना पर टीम ने ढाणी में पहुंचकर 41 घरों का सर्वे किया। 17 लोगों के रक्त के नमूने लिए। 4 जगहों पर एमएलओ डालकर फोगिंग की गई। टीम में लाली मीना, रामजीलाल आदि मौजूद थे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned