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कलक्टर व तहसीलदार के विरोध में उतरे पटवारी-गिरदावर

-कलक्टर ने कहा, रिकॉर्ड में की हेराफेरी तो मुकदमा होगा ही दर्ज राजस्वकर्मियों ने रखा सामूहिक अवकाश
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दौसा

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Mahesh Jain

Jul 02, 2018

कलक्टर व तहसीलदार के विरोध में उतरे पटवारी-गिरदावर

कलक्टर व तहसीलदार के विरोध में उतरे पटवारी-गिरदावर

दौसा. जिला कलक्टर पर दमनात्मक नीति से कार्रवाई करने का आरोप लगाकर जिलेभर के पटवारी एवं गिरदावर सोमवार को सामूहिक अवकाश पर चले गए। कलक्ट्रेट के मुख्यद्वार पर धरना-प्रदर्शन कर राजस्वकर्मियों ने ऐलान किया कि जब तब दौसा जिला कलक्टर नरेशकुमार शर्मा एवं दौसा तहसीलदार देवीसिंह का तबादला अन्यत्र नहीं हो जाता, तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।


सभा में राजस्वकर्मियों ने जिला कलक्टर के खिलाफ जमकर नारे लगाए तथा प्रदेश के मुख्य सचिव के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। पटवारी व गिरदावरों की मांग है कि हीरादेवी भूमि प्रकरण में फंसे राजस्वकर्मियों को दोष मुक्त किया जाए एवं पटवारी व गिरदावरों की जायज मांगों का निस्तारण किया जाए। इधर, कलक्टर नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिन राजस्वकर्मियों ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की है उनके खिलाफ तो मुकदमा दर्ज हुआ है तो कार्यवाही तो होगी ही।


पटवार संघ जिलाध्यक्ष विजयसिंह जाटव ने बताया कि जिला कलक्टर पटवारी व गिरदावरों से मनमाफिक रिपोर्ट बनवाने के लिए बाध्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे गलत काम करते हैं तो मरते हैं और नहीं करते हैं तो अधिकारियों के हाथों मरते हंै, ऐसे में उन्होंने सामूहिक हड़ताल पर ही जाने का निर्णय किया है।


इधर, पटवार संघ के तहसील अध्यक्ष रामकिशोर गुप्ता ने कहा कि जिला कलक्टर एवं तहसीलदार दौसा ने दौसा में अपने कार्यकाल में जितने भी काम किए हैं, उनकी सीबीआइ से जांच होनी चाहिए। जिला कलक्टर ने बताया कि इस मामले में एसडीएम दौसा से जांच कराई गई। एसडीएम की जांच के आधार पर ही मामले की विभागीय कार्यवाही भी की गई एवं पुलिस आपराधिक जांच भी करेगी।


यह है हीरादेवी प्रकरण
पुलिस थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार दौसा तहसील के प्रेमपुरा निवासी कानसिंह पुत्र गोकुलसिंह राजपूत के नाम से 1949 में महेश्वरा खुर्द 79 बीघा 10 बिस्वा जमीन आवंटित हुई थी। इसके बाद 1973 में उसने प्रेमपुरा में भी 79 बीघा 12 बिस्वा भूमि आवंटित करा ली। 1977 में कानसिंह की मौत के बाद प्रेमपुरा की भूमि उसकी पत्नी हीरादेवी के नाम हो गई। हीरादेवी ने प्रेमपुरा की जमीन का करीब डेढ़ दर्जन लोगों के नाम बेचान कर दिया।


पुलिस थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक हीरादेवी ने महेश्वरा खुर्द की भूमि का राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से नीलम जयपुरिया के नाम से बेचान कर दिया। इस मामले में जिला कलक्टर ने दौसा एसडीएम से मामले की जांच कराई गई। एसडीएम की जांच के आधार पर जिला कलक्टर ने ऑफिस कानूनगो राकेश शर्मा, गिरदावर बाबूलाल मीना, लीव रिजर्व पटवारी विमलेश मीना, तहसील कार्यालय दौसा/गिरदावर जसौता कैलाश चन्द मीना, पटवारी महेश्वरा खुर्द प्रेमचन्द बैरवा व खरीदार नीलम जयपुरिया के नाम सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द कराने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी।