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पेयजल संकट से त्रस्त लोगों ने किया प्रदर्शन

कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित की
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lalsot water crisis

पेयजल संकट से त्रस्त लोगों ने किया प्रदर्शन

लालसोट. शहर के वार्ड 7 स्थित तंबाकूपाड़ा क्षेत्र में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति में व्यवधान से नाराज क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मंगलवार सुबह झरंडा चौक पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। अन्य इलाकों में पेयजल की आपूर्ति के लिए पहुंचे कर्मचारी को भी वाल्व नहीं खोलने दिया। इससे कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित हुई।
मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तंबाकूपाड़ा क्षेत्र के दर्जनों महिला-पुरुष शहर के झरंडा चौक पर जमा हो गए।

उन्होंने बताया कि कई दिनों से उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति गड़बड़ा गई है। इस बारे में कई बार विभाग के अभियंताओं को जानकारी दी जा चुुकी है, इसके बाद भी कोई सुनवाई नही हो रही है। लोगों का कहना था कि जब तक विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच कर उनकी समस्या का निदान नही करेंगे, तब तक पेयजल आपूर्ति भी नहीं शुरू करने दी जाएगी।

इससे पुरानी अनाज मंडी, लुहारू बाजार, तहसील रोड, खंदक समेत कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे अन्य कर्मचारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर मामले की जानकारी दूरभाष पर अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने शीघ्र ही उनके इलाके में नियमित पेयजल आपूर्ति के प्रबंध का भरोसा दिया। इसके बाद लोग वापस लौट गए। (नि.प्र.)

खाली बर्तनों के साथ किया प्रदर्शन


तिगड्डा (कुण्डल). ग्राम पंचायत कोलवा के तिगड्डा गांव में पेयजल समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने खाली बर्तनों के साथ ग्राम पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग सहित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारे लगाकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीण महिला पूनम देवी, काली देवी, चम्पा देवी बैरवा ने बताया कि उनके गांव में पेयजल का एकमात्र स्त्रोत हैण्डपम्प भी हवा फेंकने लगा है। दो किमी दूर स्थित जामा गांव से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।


ग्रामीण छोटेलाल, हेमराज, कैलाश बैरवा ने बताया कि जनप्रतिनिधि गांव में समस्या सुनने भी नहींं आते हैं। प्रहलाद, सुरेश, दिनेश बैरवा ने बताया कि एकलबिंदु व पेयजल टंकी बनवाने के लिए मांग कर चुके हैं, लेकिन कोईसुनने वाला नहीं है।


छात्रा सुमन, किरण, करिश्मा बैरवा ने बताया कि पानी के चक्कर में पढ़ाई प्रभावित होती है। गिर्राज, नरेश, मनमोहन बैरवा का कहना है पेयजल व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। हीरालाल, खेमचन्द बैरवा का कहना है कि पेयजल समस्या बरकरार रही तो वे इस वर्ष होने वाले चुनावों में मतदान नहीं करेंगे।