
फसलों पर पाले का सितम, सरसों सहित सब्जी में नुकसान
नांगल राजावतान. क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की सर्दी अब सरसों सहित सब्जी की फसलों पर कहर बरपाने लगी है। पाले से नकदी फसलों को करीब 6 0 फीसदी झुलसा दिया। वहीं सरसों की फसल में भी नुकसान होने से किसानों की चिन्ता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 15 हजार हैक्टेयर भूमि पर सरसों व 1700 हैक्टेयर भूमि पर सब्जी की फसलों का किसानों ने उत्पादन किया गया। इन दिनों पड रही कडाके की सर्दी के चलते सब्जी की फसल टमाटर, मिर्ची, बैगन आदि झुलस गई है। इससे किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है। वहीं सर्दी से सरसों में भी नुकसान होने लगा है।
किसान रामकिशोर मीना निवासी रामसिंहपुरा ने बताया कि उसने करीब एक हैक्टेयर भूमि पर टमाटर की फसल की थी। इसमें बूंद-बूंद सिचाई के लिए ड्रीप सिस्टम लगाया, लेकिन इसके बाद भी सर्दी से टमाटर की पूरी फसल नष्ट हो गई। इस फसल में करीब डेढ़ लाख की लागत लगाई। पाले से फसल नष्ट होने से कमाई तो दूर की बात लागत का नुकसान हो गया। इसी प्रकार किसान रतन लाल भौजपुरा ने बताया सर्दी से सरसों की फसल में भी करीब तीस फीसदी नुकसान हो गया। इससे सरसों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन नहीं होगा।
रेतीली भूमि में पाले से अधिक नुकसान
जानकारी के अनुसार पाले से रेतीली व असिंचित भूमि में फसलों में अधिक नुकसान हुआ है। रेतेली बालू मिट्टी में सर्दी से जल्द ठण्डी होने से फसले पाले की चपेट में आती है। वहीं सिंचित व काली मिट्टी वाले क्षेत्र की फसलों में पाले से कम नुकसान हो रहा है।
पाले से फसलों को बचाने के उपाय
कृषि अधिकारी गोपाललाल मीना ने बताया कि पाले से फसलों को बचाने के लिए किसान खेत की मेढ़ पर शाम के समय कचरा जलाकर धुआं करें। गंधक का अम्ल, सलफर पाउडर को पानी में मिलाकर फसलों पर छिड़काव करें। जिप्सम फसलों में सिंचाई करते समय दें। इससे फसलों को पाले से बचाया जा सकता है।
सब्जी व सरसों की फसलों में पाले से हो रहे नुकसान होने की सूचना किसानों से मिली है। इसके चलते क्षेत्र के सभी सहायक कृषि अधिकारी, कषि पर्यवेक्षकों को पाले से हुए नुकसान की रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए हैं।
अनिल कुमार शर्मा,
सहायक निदेशक, कृषि विभाग दौसा
Published on:
03 Jan 2019 08:43 am
