
सदगुरू की पहचान ब्रह्मज्ञान से होती है-सक्सैना
बांदीकुई. संत निरंकारी मण्डल की ओर से मंगलवार को कुटी स्थित सत्संग भवन में सत्संग हुआ। इसमें बीकानेर से आए संत मदनमोहन सक्सैना ने बताया कि युगो-युगों से निराकार की शक्ति सागर शरीर में प्रकट होकर संसार को दिशा प्रदान करती है। इंसान इस सत्ता से सत्य को भूल जाता है, लेकिन विवेक से सदगुरू की पहचान करने वाले मनुष्य का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि सदगुरू की पहचान ब्रह्मज्ञान से होती है। जबकि गुरू शिक्षा की पहचान ब्रह्मजन आधारित जीवन से होती है। सत्संग मेें जयपुर से आए संत नेतराम व कन्हैयालाल बीकानेर ने भी विचार व्यक्त किए। सत्संग का संचालन संत ईश्वरदयाल ने किया। इसके बाद प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। (नि.सं.)
सिकंदरा.
गढ़ गांव में बालाजी मंदिर पर हो रही भागवत कथा में आचार्य महेन्द्र जैमन ने कहा कि भागवत कथा सुनने से मोक्ष की प्राप्त होती है। उन्होंने सृष्टी विस्तार की कथा सुनाई। इस मौके पर द्वारका प्रसाद तिवाड़ी, नाथूसिंह, संतोष शर्मा, डॉ. कालूराम जांगिड़, जयसिंह छावड़ी, सम्पतसिंह आदि मौजूद थे।
श्रद्धालुओं का लगा तांता
कुण्डल. क्षेत्र के वैष्णो धाम कालीपहाड़ी पर हो रही भागवत कथा में कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कथा में विधायक शंकर लाल शर्मा ने भी शिरकत की। कथावाचक नरेन्द्रकुमार ठाकुर ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ा है, तब-तब भगवान हरि ने अवतार लेकर पापियों का संहार किया है। भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया।
एसपी से की शिकायत
दौसा . आलूदा निवासी एक जने ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर मारपीट कर रुपए निकालने की शिकायत दी। मीठालाल मीना ने बताया कि वह जिला अस्पताल के सामने चाय की दुकान चलाता है।
15 जुलाई को उसी के गांव के कुछ लोगों ने उसके पिता के साथ मारपीट कर दी। वे दुकान बंद कर घर आलूदा पहुंचे तो आरोपियों ने घर में घुस कर मारपीट करना शुरू कर दिया। इससे कुछ महिलाओं को चोट भी आई। उनके पिता के कुर्ते की जेब में रखे 5 हजार रुपए भी आरोपी चुरा ले गए।
Published on:
18 Jul 2018 12:23 pm
