
भोजन के बाद सात लोगों की बिगड़ी तबीयत
बांदीकुई. थानान्तर्गत बासड़ा गांव में भोजन करने के बाद गुरुवार को करीब आधा दर्जन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सभी लोग एक ही परिवार के हैं। रूपनारायण गुर्जर ने बताया कि बुधवार शाम आभानेरी स्थित दूकान से सरसों के तेल की बोतल खरीदकर ले गए। शाम को तेल को दाल के छोंकण में उपयोग लिया और सुबह सब्जी में काम लिया गया। रात को दाल खाने के बाद ही घबराहट शुरू हो गई।
गुरुवार दोपहर को ज्यादा तबीयत खराब होना शुरू हो गया। इसमें रूपनारायण गुर्जर रामवती देवी, उंगती देवी, लखन देवी, मुकेश गुर्जर, हिम्मतसिंह एवं कोमल की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद तेल की बोतल की पैकिंग पर अंकित तेल को उपयोग में लेने की तिथि देखी तो खत्म हो गई। इससे प्रतीत होता है कि तेल में कोई गड़बड़ी होने का अंदेशा है। पीड़ित ने तेल को राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों को भी दिखवाया। जहां जांच के लिए सैम्पल रखवा लिया गया है।
ब्लॉक सीएमएचओ डॉ.आर.पी. मीणा का कहना है कि बासड़ा निवासी कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इस पर सुबह सभी का मानपुर चिकित्सालय में उपचार किया गया। इसके बाद ज्यादा तबीयत खराब होने पर बांदीकुई ले आए। इस मामले की जांच की जा रही है। वैसे पीड़ित एक्सपायर तिथि का तेल उपयोग में लेने के बाद तबीयत बिगड़ना बता रहे हैं।
टॉवर पर लटका है मोर का शव
गीजगढ़ ञ्च पत्रिका. कस्बे के मुख्य बाजार में लगे एक मोबाइल टॉवर पर तीन दिन से राष्ट्रीय पक्षी मोर मृत अवस्था लटका पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को अवगत करा देने के बाद कर्मचारियों ने उतारने में असमर्थता जताकर बाद में उतारने की बात कह कर चल गए। इसके बाद किसी ने आकर सुध नहीं ली। ग्रामीणों का कहना है कि मोर को तत्काल उतारने का प्रयास करते तो उसकी जान बच सकती थी।
Published on:
02 Aug 2018 09:34 pm
