5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कक्षा-कक्षों के अभाव में खुले में पढऩे को मजबूर विद्यार्थी

दस कक्षाओं के लिए मात्र पांच कमरे , जोध्या विद्यालय का है मामला
2 min read
Google source verification
कक्षा-कक्षों के अभाव में खुले में पढऩे को मजबूर विद्यार्थी

गीजगढ़. जोध्या गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कक्षा-कक्षों के अभाव में खुले में पढ़ते विद्यार्थी।

गीजगढ़. एक तरफ तो सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तरह तरह की योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन कहीं विभाग व जनप्रतिनिधियो की अनदेखी के चलते बालकों को विद्यालय में असुविधाओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत गढ़ोरा के जोध्या गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में बालकों को बैठने के लिए भवन व कक्षा कक्ष के अभाव में आसमान के नीचे खुले में बैठकर अध्ययन करना पड़ रहा है। इससे बारिश के दिनों में तो बालकों की छुट्टी करनी पड़ती है। ग्रामीण नवल मीणा ने बताया कि विद्यालय में दस कक्षाओं के विद्यार्थियों को बिठाने के लिए मात्र छह कक्षा-कक्ष ही हैं।
इसमें से एक पोषाहार कक्ष और एक कार्यालय होने से मात्र चार कमरों में दस कक्षाओं को बैठाना सम्भव नहीं होने से बालकों को विद्यालय परिसर में खुले में ही बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। इससे बालकों की पढ़ाई बाधित होती है। सर्दी व बारिश के दिनों में अधिक परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि अनेक बार जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों को कक्षा-कक्षों की कमी के बारे में अवगत कराने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विद्यालय में पेयजल सुविधा भी नहीं होने से बालको को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। बालकों को पोषाहार खाने के बाद पड़़ौस के घरों में जाकर पानी पीना पड़ता है या घर से पानी की बोतल लानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से एकलबिन्दु लगाने की मांग की है।
प्रधानाध्यापक बाबूलाल ने बताया कि विद्यालय में दस कक्षाओं के लिए मात्र पांच कमरे हंै। जिनमें सभी बालकों को बैठाना सम्भव नहीं है और बैठाने पर पढ़ाई भी नहीं हो पाती है। दोनों नलकूपों में पानी सूख जाने से पेयजल समस्या भी हो रही है। समस्या के बारे में विभाग को अवगत करा रखा है।

डाकघर में कामकाज शुरू
गीजगढ़. कस्बे स्थित डाकघर में नौ दिन बाद कामकाज फिर शुरू हुआ। पोस्टमास्टर मुकेश कुम्भकार ने बताया कि डाकघर में आठ दिन से नेटवर्क बन्द हो जाने से डाक वितरण, लेन-देन सहित दर्जनों काम बन्द पड़े थे। 25 फरवरी को दौसा पत्रिका में आठ दिन से डाकघर में लेन देन ठप शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारी हरकत में आए और नेटवर्क की समस्या को दुरुस्त किया।