
बिजली के फॉल्ट से छूटने लगे पसीने
बांदीकुई. शहर में होने वाली बिजली सप्लाई के लिए प्रथम व द्वितीय फीडर का एक ही ब्रेकर होने से लाइन में कहीं भी फॉल्ट आ जाता है। तो एक ही ब्रेकर होने के कारण पूरा शहर अंधेरे में डूब जाता है। ऐसे में लोगों का गर्मी में हाल-बेहाल हो रहा है। इसके बावजूद विद्युत निगम का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। शहर के दोनों फीडरों से करीब 9 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं, लेकिन ये दोनेां फीडर एक ही ब्रेकर से जुड़े हुए हैं। ऐसे में लाइन में कहीं भी फॉल्ट आने पर दोनों फीडऱों से जुड़े क्षेत्रोंं में बिजली गुल हो जाती है। इससे लोग गर्मी में पसीज रहे हैं।
शुक्रवार को रातभर बिजली की आंख मिचौनी होने से नींद तक पूरी नहीं हुई। लोगों को मकानों की छतों पर रात गुजारनी पड़ी। बिजली कटौती का असर अब पेयजल सप्लाई पर भी पडऩे लगा है। यदि निगम की ओर से दोनेां फीडरों पर अलग-अलग ब्रेकर लगाकर सप्लाई की जाए तो काफी हद तक बिजली सप्लाई में सुधार हो सकता है। इसके अलावा बांदीकुई-प्रतापपुरा में इंसुलेटर खराब होने से 24 घण्टे से बिजली सप्लाई ठप पड़ी है। जब शहर में कोई फाल्ट आने पर बिजली गुल होने पर निगम अधिकारियों को मोबाइल पर कॉल करते हैं तो रिसीव तक नहीं किया जाता है।
भार बढ़ते ही ट्रिप हो जाती है लाइट
इन दोनेां फीडरों का का भार 310 एम्पीयर तक तय है, लेकिन अब भार अधिक बढऩे से बार-बार बिजली ट्रिप होने लगी है। वोल्टेज भी कम आने के कारण घरेलू उपकरण भी जलने का अंदेशा बना रहता है।इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बिजली कटौती का असर व्यापार पर भी पडऩे लगा है।
ये है बिजली कटौती की स्थिति
बिजली निगम से मिले आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार अपरान्ह करीब पौने तीन बजे गुल हुई बिजली पौने छह बजे आई। इसके बाद शाम 5.50 से 6.05, साढ़े 6 से 8.10 बजे, 8.50 बजे से 9.05 बजे, 10.40 बजे से 11.02 बजे, 11.30 से साढ़े 12 बजे , तड़के ढाई बजे से 3.10 बजे, पौने 4 बजे से सवा 4.25 बजे एवं पौने 5 बजे से 7.10 बजे तक बिजली गुल रही।
26 लाख खर्च फिर भी फीडर चालू नहीं
सूत्रों के मुताबिक निगम की ओर से कई माह पहले फाल्ट की समस्या से निजात दिलाने के लिए अलग से फीडर बनाया गया था। इस फीडर के तहत अण्डरग्राउण्ड केबल भी बिछा दी गई। यह केबल प्रसारण कार्यालय तक बिछाने के बाद भी फीडर चालू नहीं हुआ। इस कार्य पर करीब 26 लाख रुपए से अधिक बजट खर्च भी हो चुका है। यदि निगम की ओर से शेखपुरा या नंदेरा फीडर से जोड़कर सप्लाई चालू कर दी जाए तो भी फाल्ट की समस्या से राहत मिल सकती है।
करा दिया अवगत
दोनों फीडरों पर अलग-अलग ब्रेकर लगाए जाने के लिए प्रसारण से मांग कर चुके हैं। अण्डरग्राउण्ड केबल बिछा दी गई है, लेकिन प्रसारण की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने से मामला अटका हुआ है। शहर में बिजली सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।
अनीश सैमुअल, सहायक अभियंता बिजली निगम बांदीकुई
नहीं मिल रही है स्वीकृति
अब पांचों कंपनियां अलग हो गई हैं। अलग-अलग ब्रेकर लगाए जाने से जुड़े मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। यदि स्वीकृति मिलती है तो ब्रेकर लगवा दिया जाएगा।
नरेश सांवरिया, सहायक अभियंता बिजली प्रसारण बांदीकुई
Published on:
10 Jun 2018 09:14 am
