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भगवान राम के जन्म स्थान पर बनाएंगे भव्य राजमहल-कालवी

पीले चावल बांटकर दिया महासम्मेलन का न्योता
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lokendra singh kalvi

भगवान राम के जन्म स्थान पर बनाएंगे भव्य राजमहल-कालवी

लालसोट. शहर के रामनगर स्थित राजपूत सभा भवन में आयोजित बैठक में श्रीराजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने कहा कि 23 सितम्बर को महाराणा प्रताप की वीर भूमि चित्तौडगढ़़ मेें सम्मेलन होगा। इसमें देशभर में जारी आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, पद्मावत फिल्म के चलते पैदा हुए हालात की समीक्षा व अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर भव्य राजमहल निर्माण की मांग पर चर्चा कर आगामी कार्य योजना तय होगी।


उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवक संघ के प्रमुख पदाधिकारी कई बार आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की बात कह चुके हंै। आजादी के 70 साल पूरे होने के बाद भी गरीब के उत्थान के लिएकोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने समाज के लोगों को पीले चावल बांट कर सम्मेलन के लिए आमंत्रित भी किया।


बैठक में करणी सेना के जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह, दशरथ सिंह, शंभूसिंह इंदावा, चंद्रभान सिंह, सत्येन्द्र सिंह, भंवरसिंह बांकावत, लक्ष्मण सिंह , सूरजभान सिंह, रघुवीर सिंह, कुलवंत सिंह, उधमसिंह, सुरेन्द्र सिंह तलावगांव, गौरवसिंह किशनपुरा आदि मौजूद थे। कालवी का बड़ाया धर्मशाला पर ब्राह्मण समाज की ओर से गौड़ सनाढ्य ब्राह्मण सभा के तहसील अध्यक्ष गिर्राज हट्टिका, संतोष जिंद, नंदकुमार पांखला, राजेन्द्र शर्मा, चंद्रशेखर सोनी आदि ने स्वागत किया।


राजनीतिक दलों की इच्छा शक्ति बाधक


पत्रकारों से बातचीत में लोकेन्द्रसिंह कालवी ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में आर्थिक आधार पर सवर्णों को आरक्षण देने की बात कही, लेकिन इन्हीं दलों की इच्छा शक्तिही आरक्षण देने में बाधक बनी हुई है। उन्होंंने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए सभी दलों को मजबूर किया जाएगा। उनका संगठन अनुशासित ढंग से वोट की ताकत से आंदोलन भी करेगा।

उन्होंने कहा कि गत डेढ़ साल मेंं कई मुद्दों पर राजपूत समाज ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है और इसके चलते भाजपा को उप चुनावों में बड़ा नुकसान भी झेलना पड़ा। उन्होंंने कहा कि करणी सेना विधानसभा चुनावों में कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी। राजनीतिक समर्थन देने का निर्णय भी सम्मेलन के बाद ही होगा। (नि.प्र.)