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दौसा…. आखिर शुरू हो गई सरसों-चने की खरीद

एक महीना देरी से शुरू हुए हैं केन्द्र
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दौसा.... आखिर शुरू हो गई सरसों-चने की खरीद

दौसा. क्रय विक्रय के द्वारा कृषि उपज मंडी में संचालित किए गए खरीद केंद्र पर फसलों की खरीद शुरू कर दी गई है। खरीद केंद्र पर किसान की सरसों की फसल को खाली करते पल्लेदार।

दौसा. जिले में शुक्रवार सुबह से विभिन्न केन्द्रों पर चने व सरसों की खरीद शुरू हो गई है। पहले ही दिन किसी भी खरीद केन्द्र पर इन फसलों की गुणवत्ता माप करने की मशीन नहीं देखी गई। जबकि नियमों के हिसाब से इन फसलों की खरीद से पहले गुणवत्ता की माप की मशीन होना जरूरी है।
इधर] जिले में सरसों व चने की खरीद के लिए तो कई केन्द्र खोल दिए है, लेकिन गेहूं की खरीद तो मात्र तीन ही स्थानों पर की जा रही है। जबकि दौसा जिले में पैदावार के लिहाज से देखा जाए तो सर्वाधिक पैदावार गेहूं की ही होती है। उल्लेखनीय है कि इन खरीद केन्द्रों पर सरसों 4425, चना 4875 रुपए क्विंटल खरीदा जा रहा है। वहीं गेहंू की खरीद तो पहले से चल रही है।
24 में से 7 ही किसान आए
दौसा जिला मुख्यालय पर कृषि उपज मण्डी में केन्द्र बनाया गया है। यहां पहले दिन के लिए 24 किसानों को अपना जिंस लाने की अनुमति थी, लेकिन पहले दिन 7 ही किसान जिंस लेकर आए। इन किसानों के 150 कट्टे सरसों व चने की खरीद हुई है। दौसा में मुख्यालय के अलावा नांगलबैरसी, बड़ागांव, खवारावजी, जसोता व सिंगवाड़ा में भी उप खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। यहां भी राजफेड के माध्यम से जिंस खरीद के लिए बारदाना आदि भिजवा दिया गया है। खरीद केन्द्र के प्रबंधक कैलाश सैनी ने बताया कि दौसा खरीद केन्द्र पर सरसों व चना बेचने वाले अब तक 78 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पहले दिन 24 किसानों को माल लेकर बुलाया था, लेकिन 7 ही किसान आए। उन्होंने बताया कि बीच में रजिस्ट्रेशन बंद हो गया था, लेकिन अब फिर से चालू हो गया है।
देरी से शुरू हुई खरीद, किसान कम दिखा रहे हैं रुचि : कोरोना लॉकडाउन के कारण जिले में कृषि मण्डियां व खरीद केन्द्र देरी से खोले गए हैं, इससे किसान भी खरीद केन्द्रों पर अपना माल लाने में कम ही रुचि दिखा रहे हैं। कृषि मण्डियों को खुले हुए काफी दिन हो गए। जिन किसानों को पैसों की सख्त जरूरत थी, वे किसान तो अपनी फसलों को मण्डियों में पहले ही बेच चुके हैं। जिनके पास फसलों के भण्डारण की उचित व्यवस्था थी, वे किसान अब अच्छा भाव लेने के लिए खरीद केन्द्रों पर अपनी फसलों को ला रहे हैं। हर वर्ष फसलों की खरीद 1 अप्रेल से शुरू हो जाती थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण इस बार एक महीने की देरी से खरीद शुरू हो पा रही है।

गेहूं खरीद केन्द्र नहीं बढ़ाए
जिले में सरसों व चने की खरीद के लिए कई खरीद केन्द्र खोल दिए, लेकिन गेहूं खरीद के लिए मात्र तीन ही खरीद केन्द्र संचालित है। गेहूं खरीद के लिए एक केन्द्र लवाण, बांदीकुई व मण्डावरी में ही है। जबकि इन खरीद केन्द्रों के अलावा दूर के गांवों के किसानों को यहां गेहूं बेचने में आने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

विधायक पहुंचे कृषि उपज मंडी
विधायक मुरारीलाल मीना ने भी कृषि उपज मंडी समिति में खरीद केन्द्र का निरीक्षण किया। मानगंज व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौधरी सहित अन्य व्यापारियों व किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सुझाव मांगे। इस दौरान उप जिला कलक्टर पुष्कर मित्तल, कृषि उपज मंडी सचिव संतोष मीणा आदि थे।