
यहां दबे पांव आता है वह, फिर किया शिकार, ग्रामीण भयभीत
दौसा. कुण्डल. क्षेत्र में गत छह वर्ष से जारी बघेरे का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार रात वनपाल नाके की नाक के नीचे स्थित एक बाड़े में बंधी तीन दर्जन से अधिक बकरियों में से एक बकरी को ले जाकर बघेरे ने उसका शिकार कर लिया। बघेरे को पकडऩे की ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारे लगाकर प्रदर्शन करते हुए बघेरे को पकडऩे की मांग की।
ग्रामीण रामकरण, रामप्रसाद सैनी ने बताया कि वनपाल नाका से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित मुकेशकुमार मीना के बाड़े की सात फीट ऊंची दीवार को फांदकर बघेरा घुस गया। वहां से एक बकरी को उठाकर अपना निवाला बना लिया। मौके पर पहुंचे वनपाल नाका कुण्डल के फोरेस्टर सहित वनकर्मी दीपसिंह राजावत और जितेन्द्र कुमार शर्मा ने मौका मुआयना किया। चारदीवारी पर बघेरे के पंजे के रनिंग निशान मिले। बाडे के पीछे भी पगमार्क मिलने पर बघेरे की पुष्टि हुई।
निर्देश दो के, तैनात एक वनकर्मी
दौसा डीएफओ रामानन्द भाकर ने खड़का गांव में बघेरे के आबादी क्षेत्र में उतरकर पालतू पशुओं का शिकार करने की घटना के बाद रेंजर को मौके पर दो वनकर्मी तैनात कर ग्रामीणों के साथ रात्रि गश्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मंगलवार तड़के तक एक ही वनकर्मी तैनात रहा। इस मामले में डीएफओ ने कहा कि निर्देश के तीन बाद भी एक ही कर्मचारी का तैनात रहना गंभीर बात है, मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मालगाड़ी से गिरकर घायल
बांदीकुई. थानान्तर्गत शहर के बडिय़ाल रोड झालानी बगीची के समीप मंगलवार को चलती मालगाड़ी से उतरने का प्रयास करते समय एक जना गिरकर घायल हो गया। घायल को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां से गंभीरावस्था में जयपुर रैफर कर दिया।
बताया जा रहा है कि बांदीकुई से एक मालगाड़ी भरतपुर की ओर जा रही थी कि देवकरण निवासी कीलपरखेड़ा पीछे के डिब्बे मेें सवार हो गया। जैसे ही मालगाड़ी ने गति पकड़ी कि झालानी बगीची के समीप चलती मालगाड़ी से कूद जाने पर घायल हो गया। हालांकि इस सम्बंध में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
Published on:
10 Jul 2018 07:09 pm
