सांड की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटा सहित तीन घायल

राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया

Rajendra Kumar Jain

September, 1302:39 PM

Dausa, Rajasthan, India

बांदीकुई.

मेगा हाइवे पर पीचूपाड़ा कलां के समीप बुधवार दोपहर अचानक सड़क पर सांड आ जाने से बाइक सवार बेटा-मां सहित तीन जने घायल हो गए। जिन्हें राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से मां-बेटे को गंभीरावस्था में जयपुर रैफर कर दिया।
उदयपुरा निवासी वीरेन्द्रसिंह अपनी मां कमला देवी को चिकित्सक को दिखाने के लिए गुड्डी के साथ बाइक से बांदीकुई आ रहा था।पीचूपाड़ा कलां के समीप अचानक सांड सड़क पर आ गया। इससे बाइक सवार ने अनियंत्रित होकर सांड के टक्कर मार दी। इसमें वीरेन्द्रसिंह व उसकी मां कमला देवी को गंभीरावस्था में जयपुर रैफर कर दिया। जबकि गुड्डी देवी का उपचार कर छुट्टी दे दी गई। उल्लेखनीय है कि उपखण्ड क्षेत्र में अब तक सांडों के हमले से चार लोगों की मौत हो चुकी है।


आरोपी को एक वर्ष का कारावास
दौसा. सिविल न्यायालय एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट दौसा ने लेनदेन के एक मामले में आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास एवं 5 हजार रुपए का अर्थदण्ड व परिवादी को 8 लाख रुपए अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है।
परिवादी के अधिवक्ता ने बताया कि परिवादी दौसा निवासी कृष्ण कुमार शर्मा ने आरोपी लवाण निवासी मदनलाल पिंगोलिया को रुपए उधार दिए थे। राशि एक माह में वापस देने की शर्त थी। इस मामले में सिविल न्यायालय एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट दौसा डॉ. नीलम कुमारी ने आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास एवं 5 हजार रुपए का अर्थदण्ड व परिवादी को 8 लाख रुपए अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही आदेश दिया हैकि यदि अर्थदण्ड की राशि एक माह में जमा नहीं कराता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस निरीक्षक फिर न्यायालय में हुए पेश
दौसा. न्यायालय के आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं करने के करीब दो दशक पुराने एक मामले में आरोपी पुलिस निरीक्षक राजेश शर्मा बुधवार को दौसा के ग्राम न्यायालय में पेश हुए।
सूत्रों के अनुसार करीब दो दशक पहले न्यायालय के माध्यम से परिवादी ओमप्रकाश शर्मा ने कोलवा पुलिस थाने में वाहन खरीद में धोखाधड़ी के मामले की रिपोर्ट इस्तगासे के माध्यम से भेजी थी। इसबाद भी कोलवा थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने पहले तो मुकदमा दर्ज नहीं किया और जब स्पष्टीकरण मांगा तो मामला दर्ज कर इतिश्री कर ली। इसके बाद कई बार न्यायालय में पेशियों पर नहीं आए थे। गत वर्ष जब वे न्यायालय में पेश हुए थे तो चालानी गार्डों ने हवालात में नहीं रखा था। जब मजिस्ट्रेट स्वयं देखने के लिए रवाना हुई तो आनन-फानन में चालानी गार्डों ने उनको हवालात में बंद किया था।

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