तम्बाकू विक्रेताओं के चालान काटे, किया जुर्माना

कोटपा एक्ट के तहत 800 चालान काटे

By: Rajendra Jain

Updated: 01 Mar 2020, 07:56 AM IST

दौसा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को जिलेभर में अभियान चलाकर कोटपा एक्ट के तहत तम्बाकू विक्रेताओं के चालान काटे तथा नियमों की पालना की हिदायत दी।
सीएमएचओ डॉ. पीएम वर्मा के नेतृत्व में जिलेभर में टीमों ने तम्बाकू विक्रेताओं की जांच की। कोटपा एक्ट के तहत चेतावनी बोर्ड नहीं लगाने, शिक्षण संस्थाओं के समीप तम्बाकू सामग्री बेचने सहित अन्य मामलों में विक्रेताओं के चालान काटे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि माह के अंतिम दिन तम्बाकू सामग्री नहीं बेचने के लिए दुकानदारों को प्रेरित भी किया गया। दौसा शहर में 50 रसीद काटकर 4850 रुपए जुर्माना तथा शेष जिले में 750 रसीद काटकर 2700 रुपए जुर्माना वसूला गया। कुल 800 जनों पर जुर्माना कर 7 हजार 550 रुपए वसूल किए गए। इस दौरान जयसिंह, डीआई रामकेश मीना, डिप्टी सीएमएचओ सुभाष बिलोनिया, मनीष चौधरी, कोटपा प्रभारी अंकित खण्डेलवाल आदि थे।

तम्बाकू निषेध दिवस पर किया जुर्माना
बांदीकुई. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्र में तम्बाकू निषेध दिवस पर शनिवार को दुकानों पर जुर्माना किया गया। इससे दुकानदारों में हडकंप मच गया। माह के अंतिम दिवस को तंबाकू मद्य निषेध दिवस पर 18 टीमो का गठन किया गया। दलों ने गांवो में दुकानदारों एवं चिकित्सा परिसर में तंबाकू उपयोग करने वालो के खिलाफ कार्रवाई की। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरपी मीना बताया कि गजेन्द्र कुमार, ईश्वरलाल बैरवा, महेश कुमार शर्मा द्वारा अस्पताल रोड, पीडब्लूडी तिराहा, बसवा रोड, बसवा , बडिय़ाल, बिवाई, आभानेरी, प्रतापपुरा, गुढ़लिया में जुर्माना किया। (नि.स.)


सिलिकोसिस से एक जने की मौत
मानपुर. कस्बे की तामड़ा ढाणी में शनिवार को सिलिकोसिस पीडि़त पत्थर श्रमिक की मौत हो गई। लेखराम सैनी पिछले दो साल से सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित था। जिसका जयपुर व दौसा अस्पताल में उपचार चल रहा था। सुबह तबीयत बिगडऩे पर श्रमिक की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि श्रमिक को उपचार के दौरान भी सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई।इससे परिवार पर लाखों का कर्ज हो गया। उधार लेकर बच्चों का पालन पोषण कर रहे थे, लेकिन अब मौत के बाद रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उल्लेखनीय है कि सिलिकोसिस से सैकड़ों श्रमिकों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद पत्थर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शुक्रवार को भी पूंदरपाड़ा व राणापाड़ा गांव में दो श्रमिकों की भी सिलिकोसिस से मौत हो गई थी।

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