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डाक बंगले में ठहरने से कतराते हैं  वीआईपी

- नहीं मिलती है सुविधाएं
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Vip is staying at the dak bungalow

डाक बंगले में ठहरने से कतराते हैं  वीआईपी

दौसा जिला मुख्यालय स्थित डाक बंगले में सुविधाएं नहीं मिलने से यहां वीआईपी ठहरने से कतराते हैं। यह भवन भी काफी पुराना है। सर्दी व गर्मी में न यहां पर एयर कंडीशन सही तरीके से चल पाते हैं और ना ही कूलर-पंखे। आए दिन एसी व कूलर पंखे खराब होते हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कार्यालय परिसर में ही डाक बंगला बना रखा है। इसमें चार कमरे हैं। इसमें सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अलावा अन्य वीआईपी ठहरने की व्यवस्था है। इसमें ठहरने वाले अन्य लोगों से मोटा किराया भी वसूला जाता है, फिर भी सुविधाएं नहीं मिल पाती है। भवन भी काफी पुराना है। मरम्मत व पुताई की आवश्यकता है। दशा ठीक नहीं होने से अब अधिकांश वीआईपी डाक बंगले की जगह सर्किट हाउस में ही ठहरने लगे हंै।

गर्मी व बरसात में सताते हैं मच्छर
जिला मुख्यालय स्थित डाक बंगले में न गर्मी के समय सुकून मिलता है और ना ही बरसात के मौसम में। यहां पर गर्मी व बरसात के मौसम में मच्छरों अधिक होते हैं। इनके कारण रात में नींद आना दुभर हो जाता है। समय पर कमरों की सफाई नहीं होने से भी कमरों में मच्छरों का प्रकोप रहता है।

नाम मात्र के हैं एसी व कूलर
डाक बंगले के दो कमरों में एसी व दो में कूलर लगे हुए हैं, लेकिन इन कमरों में रहने वाले लोगों ने बताया कि जब गर्मी वे कमरा लेकर रहे तो इनमें न तो एसी चला और ना ही कूलर। जबकि जब वे कमरा खाली कर गए तो उनसे वसूली एसी चार्ज समेत की गई। यहां पर एक बार एसी व कूलर पंखे खराब हो जाते हैं तो आसानी से इनकी मरम्मत भी नहीं हो पाती है।

बाहर बैठने के लिए मात्र दो सीमेंट कुर्सियां
डाक बंगले में आकर रहने वाले वीआईपी यदि कमरे से बाहर निकल कर बैठे तो कोई सुविधा नहीं है। लॉन में बाहर मात्र सीमेंट की दो कुर्सियां ही बना रखी है उनके अलावा बैठने के लिए कोई सुविधा नहीं है। अन्दर कमरों में पंलगों के अलावा कुर्सियों की सुविधा नहीं है।

घास भी नहीं है हरी
डाक बंगले के बाहर विभाग ने पहले हरी घास लगाई थी, लेकिन अब पूरी तरह सूख चुकी है। आने वाली गर्मियों में हरी घास का आनन्द नहीं ले पाएंगे। कर्मचारियों ने बताया कि यहां पर बोरिंग आए दिन खराब होती रहती है, इसलिए पानी की कमी से घास सूख गई है।

व्यवस्थाओं में किया जाएगा सुधार
डाकबंगले में वैसे तो कई कमी नहीं है। पानी की मोटर खराब है, उसकी शीघ्र ही मरम्मत करा दीजाएगी। भवन की मरम्मत भी शीघ्र कराई जाएगी।
- मनोहरलाल सैनी, एईएन पीडब्ल्यूडी एवं प्रभारी डाक बंगला दौसा