
खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। फोटो: पत्रिका
दौसा। लवाण ग्राम सेवा सहकारी समिति पर यूरिया खाद लेने पहुंचे विभिन्न ग्राम पंचायतों के किसानों को परमिट बनवाने में अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। जीएसएस कर्मियों की मनमर्जी और सीमित स्टाफ के कारण लाइन में लगी महिलाओं व किसानों के साथ धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। सूचना मिलने पर किसानों ने कृषि अधिकारियों को दौसा फोन किया, लेकिन किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बाद में तहसीलदार राकेश जैन ने कृषि कर्मियों को फटकार लगाकर वितरण केंद्र भेजा और व्यवस्था सुधारने के लिए हल्का पटवारी कृष्ण शर्मा की ड्यूटी भी लगा दी।
किसानों का आरोप है कि परमिट बनाने में चहेतों के फार्म पहले लिए जा रहे थे। दो कर्मियों के सहारे चल रहे वितरण कार्य में भीड़ बढ़ते ही स्थिति बिगड़ गई। हंगामा बढ़ने पर थाने से हेड कांस्टेबल रघुवीर सिंह, सुमेर सिंह और उम्मेद सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फार्म एकत्र कर किसानों को बैठाने का प्रयास किया, लेकिन एक बार फिर हल्ला मच गया। बाद में अतिरिक्त जाप्ता बुलाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। महिलाओं को लाइन से हटाने की घटनाएं भी सामने आईं।
भीड़ अधिक होने से लाइन में लगी महिलाएं और एक विकलांग किसान गिर पड़े। अव्यवस्था के बीच एक महिला रो पड़ी। पुलिस ने फार्म लेकर सभी को बैठा दिया, लेकिन जीएसएस पर पर्याप्त स्टाफ नहीं होने और कृषि अधिकारियों के सहयोग न देने से हालात अव्यवस्थित बने रहे। सुबह आठ बजे से भूखे-प्यासे खड़े किसान परमिट और खाद की लाइन में रहे, फिर भी अधिकांश को खाद नहीं मिल सकी।
जीएसएस पर 670 बैग यूरिया पहुंचे थे, जबकि 9 ग्राम पंचायतों के किसान खाद लेने पहुंच गए। एक बजे तक केवल 147 बैग ही वितरित हो सके। किसानों का कहना है कि जब विभाग खाद भेज रहा है तो वितरण के लिए अलग-अलग काउंटर और सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। किसानों ने बताया कि गेहूं, जौ, सरसों और चने में पहला पानी देने का समय है और खाद की हमेशा कमी बनी रहती है। अभी करीब दो हजार बैग की जरूरत है। किसानों ने कहा कि रात के समय दुकानों पर खाद बेचा जा रहा है, लेकिन उपखंड अधिकारियों ने किसी भी दुकान पर कार्रवाई नहीं की। किसानों को महंगे दामों में खाद लेना पड़ रहा है। किसानों ने भाजपा नेता जगमोहन से जीएसएस पर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
सेवा केंद्र पर शौचालय से दुर्गंध आने लगी थी। ना छाया, ना पानी, और ना बैठने की व्यवस्था होने से विशेषकर महिला किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से आवागमन बंद हो गया। पार्किंग नहीं होने से कई बाइक आपस में फंस गईं और कुछ गिरकर क्षतिग्रस्त भी हुईं। किसानों ने आरोप लगाया कि एसडीएम लवाण में रहते हुए भी खाद वितरण का एक बार भी निरीक्षण करने नहीं पहुंचे।
खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। फोटो: पत्रिका
Updated on:
06 Dec 2025 02:32 pm
Published on:
06 Dec 2025 02:32 pm
