
उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाओं की सप्लाई को लेकर बड़ा खुलासा क किया है। फोटो सोर्स एआई
STF's Major Exposure:नकली दवाओं की सप्लाई को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ये खुलासा उत्तराखंड एसटीएफ ने किया है। एसटीएफ के मुताबिक नकली दवाएं बनाकर बाजार में बेचने वाले गिरोह के खिलाफ चल रही जांच में ये बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा के पानीपत की फर्म साईं फार्मा के एक बैंक खाते में 13 करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाओं के कारोबार को लेकर लेनदेन किया गया। छह राज्यों में नकली दवा सप्लाई की गई। इस कारोबार में न कोई टैक्स दिया गया और न जीएसटी रिटर्न फाइल की गई। मामले में फर्म संचालक दंपति और दवा सप्लाई लेने वाली चार फर्मों के संचालक आरोपी बनाए गए हैं। छह आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने डालनवाला कोतवाली में केस दर्ज कराया है। एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के मुताबिक बीते एक जून को सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया से ब्रांडेड कंपनी के नकली दवा रैपर और नकली आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड के साथ आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जांच एसटीएफ को ट्रांसफर हुई। जांच के दौरान रैकेट का संचालन कर रहे नवीन बंसल समेत 12 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें पांच दवा फैक्ट्री संचालक हैं। बीते पांच सितंबर को प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता लगा कि इससे पहले गिरफ्तार हुए नवीन बंसल के साथ साल 2023 से इस रैकेट का संचालन प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति डावर निवासी पानीपत, हरियाणा कर रहे थे।
नकली दवाओं की सप्लाई को लेकर बड़े खुलासे से हड़कंप मचा हुआ है। जांच में सामने आया है कि प्रदीप कुमार ने अपनी पत्नी श्रुति के नाम से साईं फार्मा नाम की एक फर्म खोली थी। प्रदीप कुमार और नवीन बंसल मिलकर ब्रांडेड दवाओं के नकली आउटर बॉक्स दून के सेलाकुई में संतोष कुमार से बनवाते थे। दवाओं को पैक कराने के लिए ब्रांडेड मेडिसिन कंपनी के नाम वाले एल्यूमिनियम फॉयल बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में विजय कुमार पांडे की फर्म एवी फॉयल से बनवाए जाते थे। इन फॉयलों में पैक करने के लिए दवाएं देहरादून के सेलाकुई और हरिद्वार जिले में स्थित फैक्ट्रियों में बनवाई जाती थीं। भिवाड़ी (राजस्थान) से दवाएं मंगवाकर वहां बिल्स्टर मशीन की मदद से पैक की जाती थीं।
नकली दवाओं की सप्लाई एंबुलेंस के माध्यम से की जाती थी। पंकज शर्मा की नोबल फार्मेसी पंचकूला की एंबुलेंस की मदद से दवाओं की सप्लाई अलग-अलग राज्यों में की जाती थी। इस नेटवर्क के जरिए नकली दवाओं की सप्लाई उत्तराखंड, यूपी , राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत छह राज्यों में की गई। प्रदीप कुमार की पत्नी के नाम पर बनाई गई फर्म साईं फार्मा का खाता एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 18 अक्तूबर 2023 को खुलवाया गया था। एसटीएफ ने फर्म के पते पर जाकर सत्यापन किया, लेकिन वहां कोई ऐसी फर्म संचालित नहीं मिली।
Updated on:
05 Nov 2025 07:32 am
Published on:
05 Nov 2025 07:32 am
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