
उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है
Engineer Recruitment Scam:आरक्षित पदों पर यूपी, दिल्ली और बिहार के इंजीनियरों के खिलाफ उत्तराखंड में धामी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। ये मामला उत्तराखंड पेयजल निगम से जुड़ा हुआ है। यहां पर आरक्षित पदों पर दिल्ली, यूपी, बिहार के इंजीनियरों के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई है। बता दें कि उत्तराखंड में 20 साल पहले सहायक अभियंता के पद पर नियुक्त हुए इंजीनियरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थी। इस पर इंजीनियरों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने इंजीनियरों को बहाल करने के आदेश दिए थे। पेयजल निगम में साल 2005 में सहायक अभियंता पद पर भर्तियां हुई थीं। पंजाब यूनिवर्सिटी से हुई इस भर्ती में आरक्षित पदों पर कई दूसरे राज्यों के लोगों का चयन कर लिया गया था। जल निगम मुख्यालय में भी दस्तावेजों की जांच के दौरान मैनेजमेंट ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस कारण दूसरे राज्यों के ये इंजीनियर आरक्षित पदों पर करीब दो दशक तक नौकरी करते रहे। साल 2019 में इस मामले का खुलासा हुआ था। उसके बाद शासन स्तर से पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई थी।
उत्तराखंड की भर्तियों के आरक्षण का लाभ दूसरे राज्यों के इंजीनियरों ने लिया था। साल 2019 में हुए खुलासे से हड़कंप मच गया था। लंबी चली जांच प्रक्रिया के बाद चार अधिशासी अभियंताओं की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ इंजीनियरों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट से फैसला इंजीनियरों के पक्ष में आया था। इसी के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस मामले में अब 15 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
Updated on:
13 Oct 2025 08:29 am
Published on:
13 Oct 2025 08:29 am
