
देवास का ब्लैकमेलिंग केस (Photo Source- Patrika)
Dewas Blackmailing Case :मध्य प्रदेश के देवास में डॉक्टरों से जुड़े चर्चित ब्लैकमेलिंग मामले में बुधवार को बड़ा ट्विस्ट सामने आया, जब एक महिला डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में डॉक्टर कथित रूप से अबॉर्शन और लेनदेन की बातचीत करती नजर आ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी है। अब संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए। जांच पूरी होने के बाद संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला, प्रभारी सीएमएचओ अमरीन शेख सहित विभागीय अधिकारी कोतवाली पहुंचे और सीएसपी सुमित अग्रवाल के साथ मामले पर चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रतिवेदन पुलिस को सौंप दिया है।
इस मामले में पुलिस पहले ही दो एफआईआर दर्ज कर चुकी है। आरोपी मीडियाकर्मी राजेश धनेचा, राम माल्या और नर्स सरीफा को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को न्यायालय में पेशी के बाद राजेश धनेचा को पुलिस रिमांड पर लिया गया। राम माल्या और सरीफा को जेल भेज दिया गया। वहीं सिमरन, उसका पति राजवीर (विजयनगर, इंदौर) और अंकित सहित अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
वायरल वीडियो में सामने आए तथ्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने अलग से जांच कर रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मामले में अब जांच का दायरा बढ़ गया है, जहां ब्लैकमेलिंग के साथ-साथ मेडिकल एथिक्स और कानून दोनों के उल्लंघन की जांच की जा रही है।
देवास एसपी पुनीत गेहलोत का कहना है कि, गिरफ्तार आरोपियों में एक को रिमांड पर लिया गया है, जबकि दो अन्य को जेल भेजा गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। वायरल वीडियो की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला का कहना है कि, डॉक्टर चारू तिवारी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली में आवेदन दिया गया है।
Published on:
09 Apr 2026 08:16 am
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