रेमडेसिविर की कालाबाजारी का पर्दाफाश, निजी अस्पताल का स्टाफ इंजेक्शन के स्टॉक के साथ धराया

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के बाद अब देवास में भी इंजेक्शन की कालाबाजारी में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

By: Faiz

Published: 03 May 2021, 05:40 PM IST

देवास/ मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के चलते जीवन रक्षक दवा यानी रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्थित ढंग से खपत नहीं हो पा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस और सरकार की तमाम सख्तियों के बावजूद इंजेक्शन की कालाबाजारी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के बाद अब देवास में भी इंजेक्शन की कालाबाजारी में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

 

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निजी अस्पताल का स्टाफ कर रहा था इंजेक्शन की कालाबाजारी

शहर के कोतवाली थाना पुलिस ने शहर में ही स्थित निजी प्राइम अस्पताल की नर्स, कंपाउंडर समेत एक मेडिकल संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 नग रेमडेसिविर इंजेक्शन भी जब्त किये हैं। पूलिस को सूचना मिली थी कि, आरोपी 27 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचने जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

 

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ये आरोपी गिरफ्तार

पकड़े गए आरोपियों में पूजा कलासिया निवासी राजाराम नगर, अंकित पटेल निवासी मेंडकीचक और मेडिकल संचालक रूद्र तिवारी निवासी मुक्ति मार्ग को गिरफ्तार किया गया है।आरोपियों के खिलाफ महामारी नियंत्रण अधिनियम, मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम, आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। कोथवाली थाना प्रभारी के मुताबिक, फिलहाल आरोपियों से उनके कालाबाजारी में लिप्त होने के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। आगे और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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