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इस गांव को मिली शराबखोरी से आजादी, 3 किशोरियों के भाषण के बाद ग्रामीणों ने बैठककर लिया बड़ा फैसला

Dhamtari News: जिले के आदिवासी बहुल मुंहकोट गांव की तीन किशोरियों ने मिसाल पेश कर दिया। 15 अगस्त के मौके पर इन किशोरियों के शराबबंदी को लेकर दिए गए भाषण का असर हुआ ।

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3 teenage girls freed the villagers from alcoholism

इन 3 किशोरियों ने दिलाई गांववालों को आजादी

Chhattisgarh News: धमतरी। जिले के आदिवासी बहुल मुंहकोट गांव की तीन किशोरियों ने मिसाल पेश कर दिया। 15 अगस्त के मौके पर इन किशोरियों के ग्रामीणों के सामने शराबबंदी को लेकर दिए गए भाषण का असर यह हुआ कि रात को ही ग्रामीणों की बैठक हुई और उन्होंने सर्वसम्मति से अपने गांव में शराबबंदी करने का निर्णय लिया। बता दें कि शराबबंदी को लेकर राज्य भर आए दिन धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी शराबबंदी नहीं हो पा रही।

दूसरी ओर जिले के टाइगर रिजर्व सीतानदी-उदंती अभ्यारण्य के रिसगांव रेंज के ग्राम पंचायत खल्लारी के आश्रित ग्राम मुंहकोट की तीन युवती दीपिका, दसमा व दिव्या ने यह असम्भव कार्य पैदा कर दिया। जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों यहां स्वतंत्रता दिवस (Dhamtari News) के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

इस मौके पर स्कूल के शिक्षक तरुण कुमार साहू ने उन तीनों किशोरियों को माइक थमा दिया और कहा कि वे आज ग्रामीणों को आजादी के पर्व में अपनी ओर से कुछ संदेश दे। फिर क्या था?

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उक्त किशोरियों ने बारी-बारी से शराबबंदी को लेकर ग्रामीणों को प्रेरित किया। उनका कहना था कि शराब के चलते जिंदगिया बेजार हो रही है। कई परिवार बर्बाद हो गए है। और तो और गांव का माहौल भी खराब हो रहा है। आए दिन शराबखोरी के चलते अराजक तत्व गाली-गलौज करते है।

ऐसे में हम सबको मिलकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आगे आना होगा। उनकी इस बात का असर इतना हुआ कि ग्रामीणों ने रात को बैठक (CG Hindi News) बुलाकर शराबबंदी के लिए कोई ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।

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पत्रिका संवाददाता के अनुसार रात करीब 9 बजे सभी ग्रामीणों की बैठक में किशोरियों की बातों पर सहमति व्यक्त जताते हुए संकल्प लिया गया कि वे कभी शराब नहीं पिएंगे और न ही यहां शराब बेचने देंगे। उन्होने यहां तक कहा कि शराब के अवैध कारोबार में कोई लिप्त रहेगा या नशापान करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

घरों में बनती थी महुए की शराब

किशोरियों ने बताया कि गांव में अधिकतर घर महुआ की शराब बनती है। अधिकांश युवा शराब के आदी हो रहे थे। ग्रामीण भी अपनी मेहनत की कमाई को शराब पीने में खर्च करने लगे। इससे कई घर बर्बाद होने लगे है। अब ग्रामीणों ने भरोसा जताया कि शराबबंदी के खिलाफ (CG Hindi News) अपना अभियान जारी रखेंगे।

यह अच्छी पहल है। किशोरियों ने शराबबंदी के लिए जो कदम उठाया है, उसकी सराहना करते हैं। इनको सम्मानित कर पुरस्कृत भी किया जाएगा। -गीता रायस्त, एसडीएम नगरी

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