
दिवाली की तारीख में बदलाव (Photo source- Patrika)
Diwali 2025: इस साल दीपावली पर्व 20 नहीं 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा। दो दिन दीपावली पर्व मनाने को लेकर तिथि में मतभेद है। भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए धमतरी में विप्र विद्ववत परिषद ने बैठक आयोजित की। परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक शास्त्री पंडित होमन प्रसाद शास्त्री, पंडित महेश शास्त्री ने बताया कि दीपावली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है।
परिषद ने निर्णय लिया है कि प्रदोष व्यापिनी कार्तिक आमावस्या को महालक्ष्मी पूजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर को शाम 5.55 बजे तक अमावस्या व्याप्त रहेगी। अमावस्या पूरे प्रदोषकाल को व्याप्त कर रही हो फिर भी अगले दिन यदि 1 घड़ी के 24 मिनट के लिए उदय व्यापिनी अमावस्या प्रदोषकाल विद्यामान हो तो दूसरे दिन ही दीपावली पर्व मनाना शास्त्र समत है। पंडितों ने बताया कि धर्मसिंधु एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें बहुत प्राचीन ग्रंथों का तुलनात्मक अध्ययन कर पर्व मनाने की व्यवस्था दी गई है।
देव पंचांग के अनुसार कार्तिक माह कृष्ण पक्ष उदय व्यापिनी अमावस्या प्रदोषकाल 21 अक्टूबर मंगलवार को दीपावली महालक्ष्मी पूजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को भी भ्रम की स्थिति न रखते हुए 21 अक्टूबर को ही दीपावली का पर्व मनाना चाहिए। बैठक में पंडित संतोष तिवारी, पंडित अयोध्या पांडे, पंडित राजकुमार तिवारी, श्रीकांत तिवारी, आलोक त्रिपाठी समेत विप्र विद्ववत परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
Diwali 2025: पुष्य नक्षत्र 14 अक्टूबर को सुबह 11:54 बजे से 15 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक रहेगा। धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। नरक चतुर्दशी 20 अक्टूबर को, दिवाली 21 अक्टूबर को, गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर को, भाई दूज 23 अक्टूबर को, छठ पूजा 28 अक्टूबर को और देवउठनी एकादशी 2 नवंबर को मनाई जाएगी। कार्तिक पूर्णिमा 5 नवंबर को और प्रदोष व्रत (कृष्ण) 17 नवंबर को मनाया जाएगा।
Updated on:
09 Oct 2025 02:46 pm
Published on:
09 Oct 2025 02:46 pm
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