
मिनी गोवा बना छत्तीसगढ़ का यह डेम, जहां एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा लेने लग रही लोगों की भीड़
धमतरी. जब से गंगरेल बांध में वाटर स्पोर्ट्स शुरू हुआ है, तब से यहां सैलानी खींचे चले आ रहे हैं। रोजाना करीब 3 सौ से ज्यादा सैलानी गंगरेल बांध के गहरे पानी में जेट स्काई राइड स्पीड बोर्ड का आनंद उठा रहे हैं। रविवार के दिन तो यहां मेला सा माहौल रहता है।
जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा गंगरेल बांध में वाट्र स्पोर्ट्स समेत अन्य मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। बीते एक जून से गुजरात अहमदाबाद की इंटार्टिका सी वल्र्ड नामक कंपनी गंगरेल में वाटर स्पोर्ट्स की शुरूआत की है। इसमें जेट स्काई बोट, क्रूज बोट, पैरा सेल, स्पीड बोट, स्लो बोट मुख्य आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसके अलावा जल्द ही यहां पैरासूट बोट की भी शुरूआत होने जा रही हैं। गंगरेल में ही समुद्र की तरह बोटिंग सुविधा का रोमांच सैलानियों को खूब आकर्षित कर रहा है। बोटिंग के लिए यहां 50 रुपए से लेकर 3 हजार रुपए तक का पैकेज है। दर्जनभर अलग-अलग वाट्र स्पोर्ट्स स्ट्रूमेंट्स है।
गौरतलब है कि बीते डेढ़ महीने में यहां सैलानियों के मिले रूझान से जिला प्रशासन भी गदगद हैं, जो गंगरेल बांध समेत आसपास के एरिया को डेवलप कर सैलानियों को रिझाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसी तरह राज्य पर्यटन मंडल यहां बरदिहा लेकव्यू रिसोर्ट का भी निर्माण किया हैं, जहां बनाए गए वुडन के अनेक कार्टेज सैलानियों को खूब लुभा रहे हैं। रविवार को जलक्रीड़ा करने के लिए मेला सा लग जाता है। 15 सौ से लेकर करीब 2 हजार सैलानी यहां पहुंचते हैं।
रायपुर से परिवार समेत पहुंच इंजीनियर आनंद माहेश्वरी का कहना है कि गंगरेल बांध क्षेत्र का आज नजारा ही बदल गया है। कुछ साल पहले वे जब आए थे, तो यहां महज बांध और गार्डन के सिवा कुछ भी नहीं था, पर अब गंगरेल में जलक्रीडा का जो आनंद मिल रहा हैं, उसने मुंबई के जुहू बीच की यादें ताजा कर दी। बलौदा बाजार की शिक्षिका मालती जैन, सरिता पारख, आदिति और कविता गुप्ता कहती हैं कि आज गंगरेल छत्तीसगढ़ की राजधानी के पास अब तक सबसे अच्छा अवकाश स्थान है। यहां नौकायान और सूर्योदय देखना बहुत लुभावना है।
सुपर वाइजर वाट्र मुकेश सिन्हा ने बताया कि सैलानियों को गंगरेल में ही समुद्र जैसा वाटर बोटिंग की सुविधा देना कंपनी का मकसद है। जल्द ही पैरासूट बोट भी शुरू हो जाएगी। धमतरी जिलेवासियों को वाटर स्पोर्ट्स में 10 फीसदी छूट का लाभ भी दिया जा रहा है।
पटेवा के सुरेश ठाकुर का कहना है कि मैं पहली बार गंगरेल आया हूं। यहां का नजारा काफी आकर्षक है। वाटर स्पोर्ट्स में जो आनंद आया, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। जिला प्रशासन को यहां और सुविधा बढ़ाना चाहिए।
महासमुंद के पुरूषोत्तम ठाकुर ने बताया कि गंगरेल में वाटर स्पोर्ट्स का मजा समुद्र की सैर करने के बराबर है। बांध के टापू को और डेवलप कर दिया जाए, तो यह छत्तीसगढ़ का सबसे लुभावना एकमात्र पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाएगा।
Published on:
31 Jul 2018 12:52 pm
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