रोज की तरह सीतानदी से रेत माफिया अवैध रेत उत्खनन कर रहे थे। नदी के आसपास दर्जनभर ट्रेक्टर थे। मजदूर इसमें रेत भर रहे थे। अचानक सुबह नदी में पानी आई और देखते ही देखते सीतानदी उफन गई। 5 से 7 ट्रेक्टर बाढ़ के पानी में डूब गए। कुछ ड्राइवरों ने कूदकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों (Monsoon 2024) ने बताया कि सीतानदी में बने पुल का नाम आठदहरा है। गरियाबंद, उड़ीसा और धमतरी को यह पुल जोड़ता है। भारी बारिश में अचानक यहां बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है।