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बारिश की चेतावनी का असर नहीं.. खुले में रखा धान भीगा, आखिर जिम्मेदार कौन?

CG Dhan Kharidi: मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी भी जारी की, लेकिन धमतरी जिले में चेतावनी की अनदेखी कर बड़ी लापरवाही की गई।
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धमतरी

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Shradha Jaiswal

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Updated: 4 Apr 2025, 3:16 PM IST

बारिश की चेतावनी का असर नहीं.. खुले में रखा धान भीगा, आखिर जिम्मेदार कौन?

CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार से मौसम ने करवट बदल ली है। मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी भी जारी की, लेकिन धमतरी जिले में चेतावनी की अनदेखी कर बड़ी लापरवाही की गई। गुरूवार को शाम 4 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। 15 से 20 मिनट तक तेज बारिश हुई।

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CG Dhan Kharidi:अरबों के धान की चिंता नहीं

इस बारिश में संग्रहण केन्द्रों में रखे अरबों का धान भीग गया। संग्रहण केन्द्र भोयना, जंवरगांव, भाठागांव और बालोद जिले के चिटौद में 24.71 लाख क्विंटल धान डंप है। धान को सुरक्षित रखने सैकड़ों स्टेक बनाए गए हैं, लेकिन इन्हें तिरपाल से कवर नहीं किया गया है। जबकि संग्रहण केन्द्रों में धान की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त तिरपाल भी उपलब्ध है।

चिटौद में 80 फीसदी स्टेक में तिरपाल नहीं लगे थे। यही हाल भोयना, जंवरगांव, भाठागांव का भी था। हालांकि बारिश 15 से 20 मिनट ही हुई। यदि ज्यादा समय तक तेज बारिश हो जाती तो सारा धान बर्बाद हो सकता था। जानकारी के अनुसार चिटौद में 7 लाख 62 हजार क्विंटल, भोयना में 5 लाख 68 हजार क्विंटल, जंवरगांव में 4 लाख 14 हजार क्विंटल और भाठागांव में 7 लाख 25 हजार क्विंटल धान रखा है।