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निजी स्कूलों में RTE की 83 सीटें खाली, धमतरी के 37 बच्चों का चयन, 25 अगस्त तक दाखिला

RTE Admission 2026-27: आरटीई के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश की प्रक्रिया अब भी धीमी बनी हुई है। धमतरी जिले में तीसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी में 37 बच्चों का चयन हुआ है, जबकि 83 सीटें अब भी खाली हैं। चयनित बच्चों को 25 अगस्त तक संबंधित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
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RTE Admission 2026

RTE की 83 सीटें खाली (photo-patrika)

RTE Admission 2026-27: शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया इस साल भी धीमी रही। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए कई महीने बीतने के बाद भी धमतरी जिले में आरटीई की 83 सीटें खाली हैं। पिछले दिनों जिला शिक्षा कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर कल्पना ध्रुव, जिला शिक्षा अधिकारी और निजी स्कूल संचालकों की मौजूदगी में तीसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। इसमें 37 बच्चों का चयन हुआ है। चयनित बच्चों को 17 से 25 अगस्त के बीच संबंधित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।

25 अगस्त तक दाखिला

सत्र 2026-27 में जिले के 212 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत कुल 470 सीटें निर्धारित की गई थीं। पहले और दूसरे चरण में 1,235 आवेदनों के आधार पर प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें 350 बच्चों को प्रवेश मिला। सीटें रिक्त रहने पर 5 अगस्त तक नए आवेदन मंगाए गए। 67 आवेदनों की जांच के बाद तीसरे चरण में 37 बच्चों का चयन किया गया। इसके बाद भी 83 सीटें खाली रहेंगी। प्रवेश की अंतिम तिथि 17 जुलाई से बढ़ाकर 25 अगस्त कर दी गई है।

सत्र 2026-27 से आरटीई प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी-1 की सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश नहीं होगा। केवल कक्षा पहली में ही निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है।

पात्रता के बावजूद दस्तावेजों की बाधा

पात्रता के बावजूद कई बच्चे दस्तावेजों के कारण प्रवेश से वंचित हो रहे हैं। योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2007 या 2011 की सर्वे सूची में नाम होना जरूरी है। कई जरूरतमंद परिवारों के नाम पुरानी सर्वे सूची में दर्ज नहीं होने से उनका बीपीएल प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अभिभावक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर निगम के राजस्व कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

पिछड़ेंगे छात्र-छात्राएं

अगस्त में प्रवेश लेने वाले बच्चों के सामने पढ़ाई में पिछड़ने की चुनौती रहेगी। सितंबर में तिमाही परीक्षाएं प्रस्तावित हैं और स्कूलों में अब तक काफी पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है। ऐसे में नए विद्यार्थियों को कक्षा के साथ तालमेल बिठाने और छूटी हुई पढ़ाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।

इधर, आरटीई में पात्र बच्चों के बावजूद पुराने बीपीएल सर्वे रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों की बाध्यता के कारण कई परिवार आवेदन और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। इससे तीसरे चरण के बाद भी निर्धारित सीटें पूरी तरह नहीं भर पाईं।