
4 महीने में 886 लोगों को कुत्तों ने काटा (फोटो- पत्रिका)
CG Dog Bite: छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर सहित जिले में डॉग बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। साल-2024 के चार महीने में ही 886 लोगों को कुत्तों ने काटा है। स्ट्रीट डॉग की बढ़ती आबादी रोकने नगर निगम कोई प्रयास नहीं कर रहा। 8 साल से कुत्तों की नसबंदी बंद हैं। यही कारण है कि तेजी से संख्या बढ़ रही है।
स्ट्रीट डॉग की बढ़ती आबादी से हर वर्ग परेशान हैं। छोटे बच्चों से लेकर बड़े भी डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में कुत्ते के काटने से पूर्व में 2 बच्चियों की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में हर दिन 5 से 8 डॉग बाइट के केस आ रहे।
पशु चिकित्सकों की मानें तो कोई भी पशु तभी हिंसक होता है जब उसकी जरूरत पूरी नहीं होती। स्ट्रीट डॉग को खाना ठीक से नहीं मिलता या ज्यादा भूखे होते हैं तब किसी पर भी हमला कर देते हैं। किसी पशु को जबरन छेड़ा जाए तो वह चिढ़ जाते हैं। देखा गया है कि कुत्ते हर कार के पीछे दौड़ता है। उन्हें यह मालूम नहीं रहता कि किस कार ने उन्हें चोट पहुंचाई है। बाइक वालों के साथ भी होती है। स्ट्रीट डॉग के पेट में कीड़े होते हैं। दवा नहीं मिलने से वे बेचैन हो जाते हैं।
शहर में करीब 1000 कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर निकाला गया था। सिर्फ तीन लोगों ने टेंडर भरा था, जिसमें से दो निरस्त हो गया। अब पुन: टेंडर बुलाया गया है। नीलेश लुनिया स्वास्थ्य सभापति
आबादी बढ़ने के 3 कारण
डॉग लवर मोनू मिश्रा ने बताया कि मादा डॉग का प्रजनन काल साल में दो बार माना जाता है। कुछ कुत्तों में यह अंतराल लंबा हो सकता है। बारिश को मुख्या प्रजनन काल कहा जाता है। गर्भावस्था अवधि लगभग 9 सप्ताह की होती है। नर कुत्तों में प्रजनन काल का कोई निश्चित समय नहीं होता। बारिश आने वाली है। ऐसे में नगर निगम को जितनी जल्दी हो सके। नसबंदी करानी चाहिए।
वर्ष-2018 में स्ट्रीट डॉग को रखने के लिए निगम ने डॉग हाउस बनाने की योजना बनाई थी। अर्जुनी स्थित कांजी हाउस का चयन किया गया था। ६ लाख रूपए का प्रस्ताव बनाकर बजट में शामिल भी किया गया। 8 साल बीत गए लेकिन इस ओर कोई प्रयास नहीं हुआ। शहर के डॉग लवर मोनू मिश्रा ने कहा कि डॉग भी एक जीव है। उनके प्रति भी दया जरूरी है। आज कोई इंसान दुर्घटना में घायल हो जाए तो इलाज के कई साधन है। डॉग के लिए जिले में कोई भी साधन नहीं है।
दुर्घटना में घायल हुआ डॉग धीरे-धीरे दम तोड़ देता है। यदि हम ऐसे डॉग का इलाज भी कराना चाहे तो कोई उचित व्यवस्था नहीं है। डॉग हाउस बन जाए और समय-समय पर पशु चिकित्सकों की यहां ड्यूटी लगा दी जाए तो ऐसे घायल डॉग को नया जीवन मिलेगा। मैं भी इसमें सहयोग करने के लिए तैयार हूं। हमारी टीम घायल डॉग को यहां तक लाएंगे। नगर निगम द्वारा चयनित पशु चिकित्सक इनका इलाज करेंगे। डॉग की नसबंदी भी समय-समय पर हो तो बेहतर माहौल तैयार हो सकेगा।
Updated on:
22 May 2025 11:50 am
Published on:
22 May 2025 11:49 am
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