26 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रात में खेत से हरे धनिए की फसल चोरी, धार में धनिया चोरों ने बढ़ाई किसानों की टेंशन

Coriander Crop Theft: सुबह खेत पहुंचा किसान को गायब मिली हरे धनिए की फसल, 100 रुपए किलो तक पहुंचे दाम ने बढ़ाया लालच, 50 हजार रुपए से अधिक की हरी धनिए की फसल को उखाड़ ले गए बदमाश।
2 min read
Google source verification

धार

image

Shailendra Sharma

Jun 26, 2026

Green Coriander

coriander crop theft farmers worried, खेत से धनिए की फसल चोरी होने से किसानों की चिंता बढ़ी (source-patrika)

Dhar Coriander Crop Theft: अब तक चोर नकदी, जेवर और वाहनों पर हाथ साफ करते थे, लेकिन हरे धनिए के बढ़ते दामों ने चोरों को नया टारगेट दे दिया है। मध्यप्रदेश में धार जिले के लेडगांव गांव में बदमाश रात के अंधेरे में खेत में घुसे और तैयार खड़ी हरे धनिए की फसल उखाड़कर वाहन में भरकर फरार हो गए। किसानों के मुताबिक चोरी हुए धनिए की कीमत 50 हजार रुपए से अधिक है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में किसान सकते में हैं और रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हो गए हैं।

सुबह किसान खेत पर पहुंचा तो पता चला

बताया जा रहा है कि किसान जब बीती शाम घर लौटे तो खेतों में हरे धनिए की फसल लहलहा रही थी, लेकिन जब दूसरे दिन खेत पहुंचे तो धनिए की फसल गायब थी। बदमाशों ने रात में ही खेत से हरे धनिए की फसल चुरा ली। बदमाश देर रात खेतों में पहुंचे और तैयार धनिए को जड़ सहित उखाड़कर वाहन में भरकर ले गए। सुबह जब किसान खेत पहुंचे तो पूरी फसल गायब देख उनके होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान भी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस समय गुजरात और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में हरे धनिए की मांग बढ़ने से इसके दाम करीब 100 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं, इसलिए हरे धनिए की फसल चोरों के निशाने पर आ गई है।

अब खेतों में रातभर पहरा, बीते वर्ष भी थी परेशानी

धनिया चोरी की घटना के बाद आसपास के गांवों के किसान भी अलर्ट हो गए हैं। कई किसान अब रात खेतों पर ही गुजार रहे हैं, जबकि कुछ गांवों में सामूहिक पहरेदारी शुरू कर दी गई है। किसानों का कहना है कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो अन्य खेत भी चोरों के निशाने पर आ सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष भी जब हरे धनिए के दाम में तेजी आई थी, तब क्षेत्र में ऐसी ही कई चोरियां हुई थीं। इस बार भी किसान एक-दूसरे को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दे रहे हैं।