
Dhar bhojshala hearing in MP high Court (फोटो- Patrika.com)
Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला एक बार फिर कानून और सामाजिक केंद्र में है। इस बहुचर्चित मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। अदालत में पेश की गई सीलबंद फाइल यानी सर्वे रिपोर्ट को खोलने और उसे रिकॉर्ड पर लेने का फैसला सामने आ सकता है। बता दें कि इस सुनवाई का सबसे अहम पहलू 2024 में भोजशाला में 98 दिनों तक चला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) है, सीलबंद वही रिपोर्ट आज हाईकोर्ट में पेश होनी है।
धार भोजशाला (Dhar Bhojshala) को लेकर वर्षों से अलग-अलग पक्ष अपने धार्मिक और ऐतिहासिक दावे रखने आए हैं। एक पक्ष इसे प्राचीन सरस्वती मंदिर मानता है तो दूसरा इसे कमाल मौला की मस्जिद का नाम देता है। इसी विवाद के बीच कोर्ट के निर्देश पर कराए गए सर्वे की रिपोर्ट अदालत में सीलबंद लिफाफे में जमा की गई थी। आज सोमवार 23 फरवरी 2026 को यही रिपोर्ट चर्चा का मुख्य आधार बनेगी।
कानून के एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सीलबंद ये दस्तावेज या रिपोर्ट खोले जाते हैं, तो मामले में नई बहस शुरू हो सकती है।
सुनवाई से पहले धार (Dhar Bhojshala) और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क है। संवेदनशीलता को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दोनों पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अपनी-अपनी दलीलें पेश करने की तैयारी में हैं।
अगर हाईकोर्ट सीलबंद फाइल खोलने का आदेश देती है, तो सर्वे रिपोर्ट के निष्कर्ष सार्वजनिक बहस का विषय बन सकते हैं। वहीं यदि कोर्ट फिलहाल रिपोर्ट को गोपनीय रखने का निर्णय लेती है, तो मामला लंबी न्यायिक प्रक्रिया की ओर बढ़ सकता है। धार (Dhar Bhojshala) की इस ऐतिहासिक इमारत पर चल रही कानूनी जंग में आज की तारीख निर्णायक साबित हो सकती है। ऐसे में सभी की निगाहें आज हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।
Updated on:
23 Feb 2026 12:14 pm
Published on:
23 Feb 2026 12:13 pm
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