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आजादी के बाद पहली बार दौड़ेगा ‘रेल इंजन’, रेलवे नक्शे पर दर्ज होगा MP ये जिला

Indore-Dahod Rail Project: रेलवे द्वारा ट्रायल के लिए टॉवर वैगन इंजन सागौर पहुंच चुका है। इसे पीथमपुर से धार और धार से पीथमपुर के बीच चलाया जाएगा।

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धार

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Astha Awasthi

Mar 23, 2026

Indore-Dahod Rail Project

Indore-Dahod Rail Project (Photo Source - Patrika

Indore-Dahod Rail Project: दशकों का इंतजार अब हकीकत में बदलने जा रहा है। रेल सुविधा से अब तक वंचित रहे धार के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक होगा, जब पहली बार रेलवे इंजन इस धरती को छुएगा। यह महज एक ट्रायल नहीं, बल्कि विकास की नई पटरियों पर बढ़ते कदमों की शुरुआत है। धार के लिए यह सिर्फ रेल इंजन का ट्रायल नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी की नई शुरुआत है।

रेलवे इंजन की होगी टेस्टिंग

आजादी के बाद पहली बार धार जिला रेलवे नक्शे पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार के बीच तैयार 38 किमी लंबे ट्रैक पर सोमवार सुबह से रेलवे इंजन की टेस्टिंग शुरू होगी। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए गांव-गांव में उत्साह है और लोग इस बहुप्रतीक्षित दृश्य को देखने के लिए तैयार हैं। वर्षों से जिस रेल का इंतजार था, वह अब पटरियों पर उतरने को तैयार है और इसके साथ ही धार का भविष्य भी नई रफ्तार पकडऩे जा रहा है।

दो दिन पहले पहुंचा वैगन, आज दौड़ेगा इंजन

रेलवे द्वारा ट्रायल के लिए टॉवर वैगन इंजन सागौर पहुंच चुका है। इसे पीथमपुर से धार और धार से पीथमपुर के बीच चलाया जाएगा। प्रारंभिक टेस्टिंग में इंजन की गति 20 से 30 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी, ताकि ट्रैक की मजबूती और तकनीकी गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया जा सके।

आधुनिक स्टेशन से जुड़ेगा विकास का पहिया

धार में बन रहा आधुनिक रेलवे स्टेशन इस परियोजना की सबसे बड़ी पहचान होगा। करीब डेढ़ किमी क्षेत्र में फैले इस स्टेशन पर पांच प्लेटफॉर्म, रेलवे क्रॉसिंग और मालगाडिय़ों के लिए अलग ट्रैक तैयार किया गया है। स्टेशन का डिजाइन ऐतिहासिक भोजशाला की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो इसे एक अलग पहचान देगा। यात्रियों की सुविधा के लिए सडक़, विद्युतीकरण और अन्य बुनियादी कार्य अंतिम चरण में हैं।

25 मार्च को होगा फाइनल ट्रायल

पहले चरण की सफल टेङ्क्षस्टग के बाद 25 मार्च को फाइनल ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान इंजन को 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जाएगा। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी पूरे ट्रायल के दौरान मौजूद रहेंगे और हर तकनीकी पहलू पर नजर रखेंगे।

सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी

रेलवे ने लोगों के उत्साह को देखते हुए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक ट्रायल के दौरान ट्रैक से दूर रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

टॉवर वैगन: ट्रैक और बिजली का 'डॉक्टर'

ट्रायल में उपयोग किया जा रहा टॉवर वैगन एक स्वचलित इंजन है, जो डीजल और बिजली दोनों से संचालित होता है। इसका उपयोग ओवरहेड बिजली लाइनों की जांच, मरम्मत और रखरखाव के लिए किया जाता है। यह बिना बिजली आपूर्ति के भी काम करने में सक्षम है, जिससे ट्रायल के दौरान हर स्थिति में परीक्षण संभव होगा।

ऐसे तैयार हुआ 38 किमी का ट्रैक

पीथमपुर से सागौर - 9 किमी.
सागौर से गुणावद - 15 किमी.
गुणावद से धार - 14 किमी.
कुल चार स्टेशन: पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार