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नई रेल लाइन पर पहली बार दौड़ेगा इंजन, 23-26 मार्च के बीच होगा ट्रायल

Indore-Dahod Rail Project: इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट में पीथमपुर से धार के बीच काम पूरा, 38 किमी हिस्से में 23 से 26 मार्च के बीच ट्रैक पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन (टॉवर वैगन) चलाया जाएगा।

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धार

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Shailendra Sharma

Mar 21, 2026

Indore-Dahod Rail Project

Indore-Dahod Rail Project

Indore-Dahod Rail Project: मध्यप्रदेश के धार जिले में रेल अब पटरी पर जल्द ही दौड़ने वाली है। रेल ट्रायल के साथ ही धार जिले के लिए विकास की नई पटरी तैयार हो रही है। बता दें कि इंदौर-दाहोद प्रोजे€क्ट में पीथमपुर से धार के बीच रेलवे काम पूरा कर अब 38 किमी हिस्से में ट्रायल रन करेगा। 23 से 26 मार्च के बीच ट्रैक पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन (टॉवर वैगन) चलाया जाएगा। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा, जब इंजन धार तक पहुंचेगा।

ट्रायल रन की तैयारियां पूरी

रेलवे के एक अधिकारी ने कहा पीथमपुर से धार तक का काम रेलवे ने पूरा कर लिया है। अब इस हिस्से में टॉवर वैगन से निरीक्षण किया जाएगा। रेलवे ने आम लोगों से कहा है कि सुबह 9 से रात 9 बजे के बीच स्पीड ट्रायल रन होगा। पीथमपुर से धार के स्टेशनों के बीच कोई भी करीब न जाएं ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। जिसमें इंजन को 50 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाकर पटरी की मजबूती और गुणवत्ता परखी जाएगी।

आदिवासी अंचल को मिलेगा बड़ा लाभ

208 किमी लंबी इस रेल लाइन से धार, झाबुआ और अलीराजपुर जैसे आदिवासी बाहुल जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। रोजगार, व्यापार और आवागमन के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। परियोजना की शुरुआती लागत करीब 4000 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 18 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। देरी के बावजूद अब यह प्रोजे€ट अपने पहले चरण में साकार होता नजर आ रहा है।

डेडलाइन फरवरी में ही पूरी हो गई

टिही के आगे टनल का काम अभी भी अधूरा है। इसमें दो-तीन महीने का समय और लगेगा। ऐसे में रेलवे फिलहाल टनल के हिस्से को छोड़कर पीथमपुर से धार तक का बाकी काम पूरा कर रहा है। इस हिस्सेमें ट्रॉली चलाकर ट्रायल किया जाएगा। अभी रेलवे ट्रैक पर बन रहे ब्रिजों का काम पूरा नहीं हुआ मगर एक साइट की सड़क पूरी कर दी है। टिही से धार तक इंदौर, राऊ, टिही, पीथमपुर, सागौर, गुणावद, धार स्टेशन इस प्रोजेक्ट में आएंगे। वहीं टिही के आगे जिस टनल की वजह से लगातार यह प्रोजे€क्ट लेट हो रहा है, उसमें बार-बार रेलवे अधिकारी टाइम लाइन बढ़ा रहे हैं। वह टनल मूल प्रोजेक्ट में थी ही नहीं। 2013-14 में टिही के आगे तीन किमी टनल प्रस्तावित कर दी गई। 2017-18 में टनल का काम शुरू हुआ था। कोरोना में इसका कॉन्ट्रेक्ट शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया। जून 2023 में टनल का काम एक बार फिर शुरू हुआ। देरी के कारण प्रोजेक्ट की लागत तीन गुना से ज्यादा हो गई।

बड़ा सवाल अब भी, ट्रेन कब से चलेगी?

टिही से धार तक ट्रेन कब से चलेगी, यह बड़ा सवाल है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी टनल का काम अधूरा है। मई-जून तक उसे पूरा करने का टारगेट है। टनल का काम पूरा होने के बाद ही ट्रेन चलेगी। हालांकि मई-जून तक भी टनल का काम पूरा होगा या नहीं यह अभी प्रश्न ही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है, टनल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है। इसलिए इसमें समय लग रहा है।