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एमपी में चार साल से फरार 200 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोपी सुधीर जैन गिरफ्तार

mp news: आरोपी सुधीर जैन पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, इंदौर के तुलसी नगर क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी।

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धार

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Shailendra Sharma

Feb 27, 2026

dhar

200 crore land scam accused sudhir jain arrested from indore

mp news: मध्यप्रदेश के धार जिले के बहुचर्चित जमीन घोटाला प्रकरण में चार साल से फरार चल रहे आरोपी सुधीर जैन को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 2022 में दर्ज प्रकरण के बाद से वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। शुक्रवार को साइबर सेल और विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई में उसे इंदौर के तुलसी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया और धार लाया गया। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। नौगांव थाने में उससे पूछताछ की जा रही है।

हुलिया बदलकर रह रहा था आरोपी

पुलिस के अनुसार आरोपी हुलिया बदलकर रह रहा था, जिससे उसकी पहचान छिपी रही। पुलिस को मुखबिर तंत्र से सूचना मिली थी कि सुधीर जैन इंदौर के तुलसी नगर में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दबिश दी। बताए गए मकान में हुलिए से मिलता-जुलता व्यक्ति मिला, जिसे पूछताछ के लिए धार लाया गया। पहचान की पुष्टि होने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। आमतौर पर छोटे बाल रखने वाला जैन इस दौरान बढ़े बालों में नजर आया, जिससे उसकी पहचान करना आसान नहीं था।

दो मामलों में तलाश, एक में कोर्ट से राहत

सुधीर जैन का नाम शहर में चर्चित ‘सेंट टेरेसा’ जमीन प्रकरण में सामने आया था, जिसमें करीब 200 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन के कथित फर्जीवाड़े की शिकायत पर 27 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में उसे मास्टरमाइंड माना गया था। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण को शून्य घोषित कर संबंधित आपराधिक मामलों को निरस्त करने के आदेश दिए गए थे, जिससे उसे राहत मिली। इसके अलावा मिशनरी अस्पताल की भूमि-भवन से जुड़े एक अन्य मामले में भी वह वांछित था। इसी प्रकरण में उसे अब गिरफ्तार किया गया है।

मिशनरी अस्पताल भूमि प्रकरण क्या है?

साल 2022 में नौगांव थाने पर दर्ज प्रकरण के अनुसार, शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित मिशनरी अस्पताल की सर्वे क्रमांक 770, रकबा 0.493 हेक्टेयर शासकीय भूमि के संबंध में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध नामांतरण, लीज और विक्रय की कार्यवाही की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था। जांच में सुधीर जैन की भूमिका सहआरोपियों के साथ भूमि लेन-देन और षड्यंत्र में प्रमुख रूप से सामने आई थी।