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एमपी में बनेगा 80 किमी लंबा फोरलेन, 50 से ज्यादा गांवों से गुजरेगा, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

mp news: मोदी कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड के 4 लेन के निर्माण को मंजूरी दी।

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धार

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Shailendra Sharma

Mar 10, 2026

four lane highway

four lane highway project 80 km badnawar-petlawad-timarwani modi cabinet approval (demo pic)

mp news: मोदी कैबिनेट ने मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को दिल्ली में हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड से 80.45 किलोमीटर लंबे चार लेन के कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है, जिसकी कुल पूंजी लागत 3,839.42 करोड़ रुपये है। स्वीकृत कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर तिमारवानी इंटरचेंज से जोड़ेगा। इस खंड को अपग्रेड करने से उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर तिमारवानी इंटरचेंज तक सीधी 4-लेन कनेक्टिविटी पूरी हो जाएगी, जिस पर गति 80-100 किमी प्रति घंटा होगी।

50 गांवों से होकर 80 किमी लंबा फोरलेन

बदनावर से पेटलावद व्हाया टिमरवानी इंटरचेंज नया फोरलेन 80.45 किमी लंबा है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 3839.42 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। संभावना जताई जा रही है कि अगले दो साल में इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होगा। शासन-प्रशासन स्तर पर तैयारियां चल रही है। यह फोरलेन करीब 50 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगा। जिनमें बदनावर क्षेत्र के 14 गांव भी शामिल हैं। इस फोरलेन रोड के बनने के बाद यात्रा का समय करीब एक घंटे तक कम होने की उम्मीद है।

प्रशासनिक सर्वे पूरा, जल्द अवॉर्ड मिलेगा

बदनावर से पेटलावद व्हाया टिमरवानी इंटरचेंज फोरलेन निर्माण में कई जगह सरकारी जमीन के साथ ही निजी जमीन का उपयोग होना है। इसके लिए सभी सरकारी विभागों द्वारा एक ज्वाइंट सर्वे किया गया है। मंगलवार को बदनावर एसडीएम प्रियंका मिमरोट द्वारा सभी विभागों के साथ एक मीटिंग की गई है। इसमें सर्वे पर विस्तृत चर्चा हुई। तहसीलदार सुरेश नागर ने बताया कि सड़क निर्माण के संबंध में सभी शासकीय और निजी जमीन का अधिग्रहण होना है। किस गांव में कितनी जमीन का भू-अर्जन किया जाना है। इसकी रिपोर्ट बनाई गई है। किसानों के खेत, कुएं, पेड़-पौधों के साथ बोरिंग आदि की जानकारी जुटाई गई है। इसके बाद सर्वे रिपोर्ट का प्रकाशन किया जाएगा और दावे-आपत्ति बुलाए जाएंगे।

ये होगा फायदा

  • यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) पर स्थित टिमरवानी इंटरचेंज से सीधे जोड़ेगा।
  • इस फोरलेन के बनने से यात्रा के समय में लगभग एक घंटे की कमी आने की उम्मीद है।
  • यह मार्ग धार और झाबुआ जिलों के आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिससे अंतरराज्यीय संपर्क मजबूत होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
  • इस कॉरिडोर के अपग्रेडेशन से अप्रैल-2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान बढ़ने वाले यातायात को संभालने में भी मदद मिलेगी।