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यहां नदी में तैरकर स्कूल जाते हैं छात्र-छात्राएं : VIDEO, भांजियों ने लगाई मामा शिवराज से गुहार

सालों से नदी पर नहीं बना पुल, जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं गांव के बच्चे।
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धार

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 9 Aug 2023, 5:19 PM IST

school student trouble

यहां नदी में तैरकर स्कूल जाते हैं छात्र-छात्राएं : VIDEO, भांजियों ने लगाई मामा शिवराज से गुहार

एक तरफ जहां सरकार भारत को विकासशील देशों में से एक होने का दावा कर रही है। पंक्ति में खड़े आखिरी शख्स तक विकास पहुंचाने का भी दावा कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ देश में कई इलाके ऐसे हैं, जो अबतक विकास से जुड़ने की आस लगाए बैठे हैं। ऐसी ही मध्य प्रदेश के धार जिले के अंतर्गत आने वाले बदनावर के ग्राम गुलरीपाड़ा में रहने वाले स्कूली बच्चे लगाए बैठे हैं। बता दें कि, यहां शिक्षा हासिल करने के लिए छात्रों को आजादी के 75 साल बाद भी अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करनी पड़ रही है।

ग्राम गुलरीपाड़ा के करीब 30 छात्र-छात्राओं को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर पढाई करने जाना पड़ रहा है। यहां स्कूल में पढ़ने वाले छोटे छोटे बच्चे नदी के तेज बहाव के बीच से गुजरकर पढ़ने जाना पड़ रहा है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नदी पार करने का वीडियो

बता दें कि, ये मामला जिले के बदनावर तहसील की कचनारिया प्राथमिक विद्यालय का है, जहां आसपास से पढ़ने आने वाले बच्चों को रोजाना नदी तैरकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए स्कूल आना पड़ता है। बच्चों की इस जद्दोजहद की वजह ये है कि, नदी पर कोई पुलिया नहीं है। ऐसे में बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में अकसर नदी में पानी उफान पर होने के कारण स्कूल की छुट्टी तक घषित करनी पड़ती है। ऐसे में यहां पढ़ने वाली छात्राओं ने मामा शिवराज से गुहार लगाई है कि, नदी उनके भविष्य पर रोड़ा बन रही है, इसलिए उसपर पुल बनवाने की मांग की है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

मामले को लेकर धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है कि, मामला संज्ञान में आया है, ऐसे में तात्काल प्रभाव से सुरक्षासंबंधी क्या उपाय किया जा सकता है, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर का कहना है कि, मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा साल 2019 में ही एस्टीमेट भेजा गया था, लेकिन किन्ही कारणों के चलते उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी। अब दोबारा मामला संज्ञान में आया है, सरदारपुर एसडीएम को मौके पर भेजा है, कलेक्टर के अनुसार, शासन स्तर पर भी वे पत्र भेज रहे है, ताकि पुल निर्माण का कार्य स्वीकृत हो।


भांजियों की मामा से गुहार

कचनारिया प्राथमिक विद्यालय के छात्रों का कहना है कि, वो गुलरीपाड़ा में रहते हैं, बीच से कोटेश्वरी नदी पड़ती है। कासतौर से बारिश के दिनों में नदी तैरकर स्कूल आना पड़ता है। छात्रों का कहना है कि, स्कूली बस्तों में किताबों के भार के साथ साथ या तो एक जोड़ी कपड़े भी लेकर आने पड़ते हैं या वहीं भीगे कपड़े पहनकर क्लास में बैठना पड़ता है। यही कारण है कि, इस गंभीर समस्या से जूझ रहे बच्चों ने मामा शिवराज से निवेदन किया है कि, उनके स्कूल पहुंचने की पुलिया बनवा दें, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए इतनी चुनौतियों का सामना न करना पड़े।