मामले को लेकर धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है कि, मामला संज्ञान में आया है, ऐसे में तात्काल प्रभाव से सुरक्षासंबंधी क्या उपाय किया जा सकता है, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर का कहना है कि, मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा साल 2019 में ही एस्टीमेट भेजा गया था, लेकिन किन्ही कारणों के चलते उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी। अब दोबारा मामला संज्ञान में आया है, सरदारपुर एसडीएम को मौके पर भेजा है, कलेक्टर के अनुसार, शासन स्तर पर भी वे पत्र भेज रहे है, ताकि पुल निर्माण का कार्य स्वीकृत हो।