8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

माँ अन्नपूर्णा जयंतीः इस स्त्रोत के पाठ से सैकड़ों समस्याएं हो जाएगी दूर

माँ अन्नपूर्णा जयंतीः इस स्त्रोत के पाठ से सैकड़ों समस्याएं हो जाएगी दूर

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shyam Kishor

Dec 06, 2019

माँ अन्नपूर्णा जयंतीः इस स्त्रोत के पाठ से सैकड़ों समस्याएं हो जाएगी दूर

माँ अन्नपूर्णा जयंतीः इस स्त्रोत के पाठ से सैकड़ों समस्याएं हो जाएगी दूर

12 दिसबंर दिन गुरुवार को मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि है। प्रति वर्ष इसी दिन माँ अन्नपूर्णा की जंयती भी मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार अगहन पूर्णिमा के दिन ही अन्न की देवी माँ अन्नपूर्णा देवी का अवतरण धरती वासियों के दुखों का नाश करने के लिए हुआ था। माँ अन्नपूर्णा भगवान शंकर की ही महाशक्ति माता पार्वती का अंश अवतार है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, मान्यता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि के दिन जो भी अपने घरों में दोनों समय सुबह एवं शाम को अपने रसोईघर में माता अन्नपूर्णा का गाय के घी का दीपक जलाकर विधिवत पूजन करने एवं इस स्त्रोत का पाठ करने से माता प्रसन्न होकर अपनी शरण में आएं हुए शरणागत की सभी समस्याओं का नाश करने के साथ उनकी मनोकामना भी पूरी कर देती है।

द्रौपदी को इसलिए आधी रात को मिला था अखंड सौभाग्यवती का वरदान

इस अन्नपूर्णा स्त्रोत का करें पाठ

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौंदर्यरत्नाकरी।
निर्धूताखिल-घोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी।
प्रालेयाचल-वंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपुर्णेश्वरी।।

नानारत्न-विचित्र-भूषणकरी हेमाम्बराडम्बरी।
मुक्ताहार-विलम्बमान विलसद्वक्षोज-कुम्भान्तरी।
काश्मीराऽगुरुवासिता रुचिकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्माऽर्थनिष्ठाकरी।
चन्द्रार्कानल-भासमानलहरी त्रैलोक्यरक्षाकरी।
सर्वैश्वर्य-समस्त वांछितकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

कहीं ऐसे तो शयन (सोते) नहीं करते आप, जानें कब कहां और कैसे सोना चाहिए

कैलासाचल-कन्दरालयकरी गौरी उमा शंकरी।
कौमारी निगमार्थगोचरकरी ओंकारबीजाक्षरी।
मोक्षद्वार-कपाट-पाटनकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

दृश्याऽदृश्य-प्रभूतवाहनकरी ब्रह्माण्डभाण्डोदरी।
लीलानाटकसूत्रभेदनकरी विज्ञानदीपांकुरी।
श्री विश्वेशमन प्रसादनकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

उर्वी सर्वजनेश्वरी भगवती माताऽन्नपूर्णेश्वरी।
वेणीनील-समान-कुन्तलहरी नित्यान्नदानेश्वरी।
सर्वानन्दकरी दृशां शुभकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

माँ त्रिपुर सुंदरी जयंती 2019 : पूजा विधि एवं इच्छा पूर्ति मंत्र जप विधान

आदिक्षान्त-समस्तवर्णनकरी शम्भोस्त्रिभावाकरी।
काश्मीरा त्रिजलेश्वरी त्रिलहरी नित्यांकुरा शर्वरी।
कामाकांक्षकरी जनोदयकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

देवी सर्वविचित्ररत्नरचिता दाक्षायणी सुंदरी।
वामस्वादु पयोधर-प्रियकरी सौभाग्यमाहेश्वरी।
भक्ताऽभीष्टकरी दशाशुभकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

चर्न्द्रार्कानल कोटिकोटिसदृशा चन्द्रांशुबिम्बाधरी।
चन्द्रार्काग्नि समान-कुन्तलहरी चन्द्रार्कवर्णेश्वरी।
माला पुस्तक-पाश-सांगकुशधरी काशीपुराधीश्वरी।
शिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

अन्नपूर्णा जयंती 2019 : भरा रहेगा अन्न और धन का भंडार जरूर करें यह काम

क्षत्रत्राणकरी महाऽभयकरी माता कृपासागरी।
साक्षान्मोक्षरी सदा शिवंकरी विश्वेश्वरी श्रीधरी।
दक्षाक्रन्दकरी निरामयकरी काशीपुराधीश्वरी।
भिक्षां देहि कृपावलंबनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी।।

अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे !
ज्ञान वैराग्य-सिद्ध्‌यर्थं भिक्षां देहिं च पार्वति।।

माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः।
बान्धवाः शिवभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम्‌।।

*********************