
श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, अलसूर के तत्वावधान में आयोजित प्रवचन में साध्वी इंदुप्रभा ने कहा कि मानव को अपने कर्म से आत्मा का कल्याण करने का प्रयास करना चाहिए। वीतराग परमात्मा ने मात्र आत्मा का महत्व बताया है। प्रभु ने कहा है कि हम मैं और मेरा का अंतर समझें। मैं स्वयं हूं और जिन्हें मैं मेरा कहता हूं वे सब पराए हैं। जगत में मात्र स्वार्थ का साम्राज्य है। जब तक स्वार्थ है, सभी साथी बन जाते हैं। विपत्ति में सब पराए हो जाते हैं। हम अपने आप को समझें और अपनी आत्मा के उत्थान का पुरुषार्थ करें।
साध्वी वृद्धिप्रभा ने कहा कि इस जीवन को हम एक सुनहरा अवसर समझें। प्रभु की वाणी को सुन कर हम आत्मसात करने का प्रयास करें। जन्म से हमे धर्म नही मिलता है। जन्म से विरासत, संप्रदाय, धन मिल सकता है किंतु धर्म तो पुरुषार्थ से मिलता है। नकारात्मक विचार हमारे पतन के कारण हैं। प्रवचन में जय ब्राह्मी बालिका मंडल ने पर्यावरण विषय पर लघु नाटिका की प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि मानव किस तरह प्रकृति से छेड़छाड़ कर स्वयं के विनाश को आमंत्रित किया है। सभी को पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए । राजाजी नगर युवक संघ ने आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक टूर्नामेंट की जानकारी दी। अलसूर संघ के मंत्री अभय कुमार बांठिया ने संचालन किया। धनपत राज बोहरा ने स्वागत किया। साध्वी शशिप्रभा ने मंगल पाठ सुनाया।
Updated on:
11 Aug 2025 06:05 pm
Published on:
11 Aug 2025 06:05 pm
