कामना पूर्ति के लिए जप लें इनमें से कोई भी एक दुर्गा तांत्रिक मंत्र

कामना पूर्ति के लिए जप लें इनमें से कोई भी एक दुर्गा तांत्रिक मंत्र

By: Shyam

Updated: 25 Jan 2020, 04:07 PM IST

साल 2020 में माघ मास की गुप्त नवरात्रि 25 जनवरी से आरंभ होकर 3 फरवरी तक रहेगी। साधना पथ के जानकार साधक शक्ति की आराधना के लिए गुप्त नवरात्रि को बहुत ही उपयुक्त समय बताते हैं। साधना से सिद्धि प्राप्ति के इच्छुक साधक अगर माघ गुप्त नवरात्र में माँ दुर्गा के इन शक्तिशाली तांत्रिक बीज मंत्रों का जप नित्य सुबह शाम को श्रद्धा पूर्वक करें तो उन्हें धन ऐश्वर्य देने के साथ जीवन में सुख-समृद्धि आदि कामनाओं की पूर्ति हो जाती है।

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गुप्त नवरात्र में जपे ये तांत्रिक बीज मंत्र

1- आरोग्य एवं सौभाग्य के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥

कामना पूर्ति के लिए जप लें इनमें से कोई भी एक दुर्गा तांत्रिक मंत्र

2- सर्व बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥

3- गुणवान पत्नी की प्राप्ति के ‍‍‍लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्ग संसारसागस्य कुलोद्‍भवाम्।।

कामना पूर्ति के लिए जप लें इनमें से कोई भी एक दुर्गा तांत्रिक मंत्र

4- दरिद्रता नाश के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
दुर्गेस्मृता हरसि भतिमशेशजन्तो: स्वस्थैं: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दरिद्रयदुखभयहारिणी कात्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता।।

5- ऐश्वर्य प्राप्ति एवं भय मुक्ति के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥

6- सभी विपत्तियों के नाश के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
शरणागतर्दिनार्त परित्राण पारायणे।
सर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥

कामना पूर्ति के लिए जप लें इनमें से कोई भी एक दुर्गा तांत्रिक मंत्र

7- शत्रु नाश के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्‍टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वाम् कीलय बुद्धिम्विनाशाय ह्रीं ॐ स्वाहा।।

8- स्वप्न में कार्य-सिद्धि के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
दुर्गे देवी नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके।
मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय।।

9- सर्वविघ्नों के नाश के लिए इस मंत्र का रोज 108 बार जप करें-
सर्वबाधा प्रशमनं त्रेलोक्यस्यखिलेशवरी।
एवमेय त्वया कार्य मस्माद्वैरि विनाशनम्‌॥

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