
धौलपुर। राजस्थान में एक बार फिर से अंधविश्वास ने एक मासूम की दर्दनाक तरीके से जान ले ली है। प्रदेश के धौलपुर के ग्रामीण इलाके में अंधविश्वास के चलते समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण दस साल की एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बड़ी बात यह है कि उसकी मौत के जिम्मेदार उसके ही परिजन हैं। दरअसल सर्प दंश की शिकार बच्ची को छह घंटे तक परिजनों ने इलाज ही नहीं लेने दिया, उसे झाड—फूंक से ही सही करने की कोशिश करते रहे। इस बीच बच्ची की मौत हो गई।
धौलपुर में हुई इस घटना में मिली जानकारी के अनुसार सरमथुरा थाना इलाके में स्थित डागरीपुरा गांव में कल दोपहर खेत पर काम कर रही दस साल की रुबी को अचानक सांप ने काट लिया। उसके परिजनों ने उसे अस्पाल ले जाने की कोशिश की इस बीच गांव के लोगों ने पास के गांव से दो तांत्रिकों को बुला लिया।
रुबी उनके सामने तड़पती रही लेकिन इस बीच तांत्रिक उसे बचाने की कोशिश में पूजा पाठ करते रहे। उन्होंने बच्ची के पिता से पूजा का सामान भी मंगवाया। तांत्रिकों और गांव वालों के सामने ही छह से सात घंटे तक बच्ची के शरीर से जहर निकालने के लिए तंत्र साधना चलती रही और बच्ची तड़पती रही। उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो से बच्ची ने दम तोड़ दिया।
धौलपुर में हुई ये घटना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई घटनाओं में अंधविश्वास के चलते कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। लेकिन फिर भी लोग तांत्रिकों के चक्कर में पडकऱ जीवन को दांव में लगा रहे हैं।
Published on:
05 Sept 2018 11:36 am
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