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Rajasthan Crime: धौलपुर के बाड़ी कस्बा के एडीजे कोर्ट ने वर्ष 2015 में हुई हत्या के मामले में सुनावाई करते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। तीनों आरोपी रिश्ते में सगे भाई हैं। जो रिश्ते के बाद अपने पुत्र के मरने पर समधि की बेटी की शादी जबरन अपने पागल भाई से कराने पर आमादा थे।
एडीजे कोर्ट के लोक अभियोजक एडवोकेट मनोज सिंह परिहार ने बताया कि 16 नवंबर 2015 को सरमथुरा थाना क्षेत्र के धौंध गांव निवासी रामभरोसी पुत्र हाकिम सिंह गुर्जर की तालाबशाही बांध में लाश मिली थी। जिसको लेकर मृतक के बड़े भाई लाखन गुर्जर ने बाड़ी थाने में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
जिसका मामला एडीजे कोर्ट में विचाराधीन था। गुरुवार को एडीजे नीरज कुमार गुप्ता ने उक्त मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी चंदन, जंडेल और सुल्तान पुत्र गोकुल सिंह गुर्जर निवासी जनकपुर थाना बसई डांग को हत्याकांड का दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। कोर्ट पीपी परिहार ने बताया कि उक्त मामले में अभी दुर्ग सिंह और मित्ता के खिलाफ ट्रायल चल रहा है।
धौलपुर के बाड़ी कस्बे में सामने आए इस हत्याकांड के पीछे की वजह एक जबरन रिश्ता जोड़ने की कोशिश थी। चंदन, जंडेल और सुल्तान नाम के तीन सगे भाइयों ने अपने पागल भाई की शादी एक लड़की से करवाने का दबाव बनाया जो उनके समधी की बेटी थी। जब लड़की के पिता ने इस रिश्ते से इनकार किया तो नाराज होकर तीनों भाइयों ने साजिश रचकर उसके रिश्तेदार रामभरोसी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह पूरा मामला वर्ष 2015 में घटित हुआ था जिसकी सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
Updated on:
16 Aug 2025 11:26 am
Published on:
16 Aug 2025 11:26 am
