5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

32 ग्राम पंचायतें, करोड़ों खर्च फिर भी जमीनी हालात इत्तर

पंचायत समिति में 32 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें करोड़ों रुपए के कार्य कागजों में दिखाए गए हैं लेकिन जमीन पर हालात देखे जाएं तो नारकीय हैं। इन सबकी उच्च स्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री को पत्र लिखा गया है।

less than 1 minute read
Google source verification
32 ग्राम पंचायतें, करोड़ों खर्च फिर भी जमीनी हालात इत्तर 32 Gram Panchayats, crores spent yet the ground situation is different

विभिन्न संगठनों ने जांच को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

बिना आधारभूत संरचना के ओडीएफ घोषित करने का मामला

dholpur, राजाखेड़ा. निर्मल ग्राम पंचायत और स्वच्छ भारत अभियान के साथ ओडीएफ प्रमाणन के मामले में अधिकारियों की लापरवाही और आनन-फानन में बिना जांच किए प्रमाणित करने के मामले के साथ प्रत्येक ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की कड़ी और विभिन स्तरों पर पूर्ण जांच के लिए क्षेत्र के विभिन संगठन आगे आते जा रहे हैं।

भ्रस्टाचार उन्मूलन जनवादी समिति के लक्ष्मीकांत गुप्ता ने बताया कि पंचायत समिति में 32 ग्राम पंचायतें हैं जिनमें करोड़ों रुपए के कार्य कागजों में दिखाए गए हैं लेकिन जमीन पर हालात देखे जाएं तो नारकीय हैं। इन सबकी उच्च स्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री को पत्र लिखा गया है। जिससे वास्तविक हालात जनता के सामने आ सकें और विभाग की कार्यप्रणाली भी जगजाहिर हो सके। ठीक इसी प्रकार जन चेतना ग्रामीण विकास समिति ने भी पत्र लिखकर राजाखेड़ा पंचायत समिति के कार्यकलाप की सीएजी ऑडिट करवाकर परिणाम आमजन के समक्ष रखने की मांग की है।

मैंने गड़बडझालों को लेकर कई बार आरटीआई के तहत आवेदन किए पर जावाब तक नहीं देते। यहां तो पूरी जांच जरूरी जरूरी है।

मुकेश बघेल, भाजपा नेता

देश के साथ राजाखेड़ा में भी ग्रामीण विकास के नाम पर सर्वाधिक राशि और बजट स्वीकृत होता है। पर राशि कहां खर्च होती है और विकास का स्तर क्या है। ये सभी जानकर भी आखिर अनजान क्यों बने हैं।दिनेश, नागरिकजब पूरी कर्यप्रणाली ही संदेह के घेरे में आ जाएं तो फिर गहन जांच ही न्याय है। अगर सरकार संवेदनशील है तो न्याय जरूरी है।

सत्यम, विधि छात्र