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सांप्रदायिक सौहार्द की दिखी मिसाल, मुस्लिम युवक दोस्तों के साथ लाया कांवड़, किया अभिषेक

Dholpur News : श्रावण मास के तृतीय सोमवार को भी भगवान शिव के मन्दिरों पर सैकड़ों कांवडिय़ों के बम भोले के गगनचुम्बी जयघोषों के साथ गंगा से कांवड़ों में भरकर लाए गंगाजल से अभिषेक किया गया।

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राजाखेड़ा (धौलपुर)। श्रावण मास के तृतीय सोमवार को भी भगवान शिव के मन्दिरों पर सैकड़ों कांवडिय़ों के बम भोले के गगनचुम्बी जयघोषों के साथ गंगा से कांवड़ों में भरकर लाए गंगाजल से अभिषेक किया गया। राजाखेड़ा के वन खडेश्वर, नयागांव मंदिर, महतेकी मंदिर के शिवालय में आस्था का जमकर ज्वार उमडा। गढ़ी जौनावद के शिवभक्तों ने गंगा के सोरों घाट से बटेश्वर धाम होते हुए तीन दिवसीय पैदल यात्रा कर सोमवार को 1151 पलडों की कांवड़ के साथ शिव का अभिषेक किया। वहीं, श्रावण माह में क्षेत्र का एक मुस्लिम युवक अपने दोस्तों के साथ कांवड़ लेकर पहुंचा और अभिषेक किया।

सौहार्द और भाईचोर का दिया संदेश

राजाखेड़ा के वार्ड 9 निवासी कृषि मजदूरी करने वाले युवक साबिर खान ने सौहार्द का परिचय दिया। उसने अपने हिन्दू मित्रों ले साथ कांवड़ लाकर महतेकी मंदिर पर अभिषेक कर विभिन्न समाजों को प्यार और भाईचारे का संदेश दिया। प्राचीन मेहतेकी धाम पर गड्ढे वाले भोले बाबा पर लोगों ने कावड़ चढ़ाकर भगवान शिव का अभिषेक किया। यहां सोमवार को भक्तों का तांता लगा रहा।

450 साल से ज्यादा पुराना शिवलिंग

मान्यता है कि यह प्राचीन शिवलिंग सैकड़ों वर्ष पुराना है। कीरब 450 साल से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है। बुजुर्गों ने गड्ढे में शिवलिंग को ऊपर लाने के लिए लकड़ी की सीढिय़ां डाली परंतु ज्यादा गहराई में शिवलिंग होने से गड्ढे में ही उनकी पूजा होने लगी। जो कि मंदिर की सतह से लगभग 12 फीट नीचे है, जब से इसका नाम ही गड्ढे वाले भोले बाबा प्रचलित हो गया।