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कोरोना काल में रक्त की कमी से जूझता रहा ब्लड बैंक, रक्तवीरों ने बचाई जिंदगियां

धौलपुर. कोरोना काल में जिले का ब्लड बैंक रक्त की कमी से जूझता रहा, लेकिन आपातकाल में भी असहाय तथा जरूरतमंदों को रक्तवीरों ने समय पर पहुंचकर नई जिंदगियां दी हैं। जिले के सबसे बड़े राजकीय सामान्य चिकित्सालय मेंं वैसे तो ब्लड बैंक में 500 यूनिट रक्त सहेजने की क्षमता है

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Blood bank struggled with lack of blood during Corona period, blood warriors saved lives

कोरोना काल में रक्त की कमी से जूझता रहा ब्लड बैंक, रक्तवीरों ने बचाई जिंदगियां

कोरोना काल में रक्त की कमी से जूझता रहा ब्लड बैंक, रक्तवीरों ने बचाई जिंदगियां
500 यूनिट की क्षमता, बैंक में उपलब्ध रहता 30 से 35 यूनिट
आपाताकाल में रक्तदाता पहुंचते हैं ब्लड बैंक

धौलपुर. कोरोना काल में जिले का ब्लड बैंक रक्त की कमी से जूझता रहा, लेकिन आपातकाल में भी असहाय तथा जरूरतमंदों को रक्तवीरों ने समय पर पहुंचकर नई जिंदगियां दी हैं। जिले के सबसे बड़े राजकीय सामान्य चिकित्सालय मेंं वैसे तो ब्लड बैंक में 500 यूनिट रक्त सहेजने की क्षमता है, लेकिन कोरोना काल में ब्लड बैंक में सूखा पड़ गया। इस दौरान केवल 30 से 35 यूनिट ही संग्रहित रह पाया। कोरोना के पीक समय में तो ब्लड बैंक की स्थिति 10 से 12 यूनिट पर पहुंच गई। इस गंभीर स्थिति में जिले के ब्लड क्लबों के माध्यम से जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराया गया। इसमें सबसे अधिक भूमिका युवाओं ने निभाई।
क्यों मनाया जाता है रक्तदाता दिवस
विश्व रक्तदाता दिवस प्रतिवर्ष 14 जून को मनाया जाता है। नोबेल विजेता कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 2005 से मनाया जा रहा है । इस वर्ष भी 14 जून को ही मनाया जाएगा।

यह है स्थिति

कोरोना महामारी एवं वैक्सीनेशन की बीच रक्तदान शिविर नहीं लगने से अस्पतालों में खून की कमी बनी रही। भारत में प्रति 2 सेकंड में ब्लड की किसी ना किसी को आवश्यकता रहती है। प्रत्येक वर्ष भारत में 5 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता है, लेकिन यह केवल 2.5 करोड़ यूनिट ही उपलब्ध है।
प्रत्येक दिन 38000 ब्लड डोनर की आवश्यकता है। मनुष्य का रक्त किसी कारखाने में नहीं बनाया जा सकता। यह केवल मनुष्य द्वारा ही दान किया जाता है। इसलिए सभी मानव जाति का कर्तव्य है कि अधिकाधिक रक्तदान कर जिंदगी बचाने में मदद करें। एक रक्तदान से 3 लोगों की जिंदगी बचा सकती हैं।

इनको मिलता है नॉन रिप्लेंसमेंट रक्त
सरकारों ने विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को मुफ्त मेंं रक्त देने की व्यवस्था की हुई है। इनमें प्र्रमुख तौर पर कैंसर, थैलेसीमिया, लाडल योजना, हीमोफीलिया को रक्त दिया जाता है। इन रोगियों को क्षमता को करीब एक चौथाई रक्त मुफ्त मेंं दिया जाता है। इसके अलावा दुर्घटना, सर्जरी, गर्भवती महिला, लीवर, किडनी, एनीमिया रोगियों के अलावा नवजात शिशु और आपदा के समय मरीजों को रक्त दिया जाता है।

कौन कर सकता है रक्तदान

- जिसकी उम्र 18 वर्ष से 55 वर्ष तक की हो
- वजन 45 किलोग्राम या इससे अधिक हो
- हिमोग्लोबिन 12.5 ग्राम हो
- पिछले रक्तदान किए हुए 3 महीने से कम का समय नहीं हुआ हो
-स्वस्थ व्यक्ति और मलेरिया, टाइफाइड, मलेरिया हेपेटाइटिस और अन्य संक्रामक बीमारी से ग्रस्त ना हो
- कोविड वैक्सीन लगने की तिथि को 15 दिन पूर्ण हो गए हो


कौन नहीं कर सकता रक्तदान
हृदय रोगी, डायबिटीज, मिर्गी, कैंसर रोगी, यकृत संबंधी, संक्रामक बीमारी से ग्रस्त, महिलाओं में गर्भावस्था एवं मासिक स्राव के 7 दिन पहले और बाद में तथा रक्त प्रवृत्ति रोगों वाले, दो-तीन महीने पहले कोई ऑपरेशन हुआ हो, अन्य दवा चल रही हो। बिना कारण वजन कम हो रहा हो।
रक्तदान के लाभ
सबसे महत्वपूर्ण तो रक्तदान करने से मनुष्य को मानसिक शांति व प्रसन्नता मिलती है। साथ ही हमारे द्वारा दिए हुए रक्तदान से एक साथ तीन जिंदगी बच सकती है। रक्तदान करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है। रक्त की तरलता बढ़ती है। जिससे भविष्य में हृदय रोग होने की संभावना कम रहती है। नियमित रक्तदान से यकृत रोग, त्वचा के विकार, कैंसर आदि की संभावना कम रहती है। रक्तदान करने से हमारे शरीर में नया रक्त तेजी से बनने लगता है। रक्तदान से मानसिक शारीरिक लाभ के साथ-साथ रक्तदाता व्यक्ति की आवश्यक जांच निशुल्क हो जाती हैं।

फैक्ट फाइल
माह मरीजों को दिया रक्त
जनवरी- 479 यूनिट
फरवरी- 457
मार्च- 448
अप्रेल- 460
मई- 441

यह संस्थाएं रहती हैं आगे
जिले में कई संस्थाएं रक्तदान के लिए आगे रहती है। इन क्लबों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बना रखे हैं, जिन पर रक्त की आवश्यकता होने पर तुरंत प्रभाव से रक्तदाता को भेजकर मरीज की जिंदगी बचाई जाती है। इनमें अग्रवाल फाउण्डेशन, बाड़ी, 24 गुणा 7 ब्लड ग्रुप, हल्ला बोल टीम, गुर्जर युवा महासभा सहित अन्य युवा रक्त के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यह संस्थाएं समय-समय पर रक्तदान शिविर भी आयोजित करती है।