
मोक्षधाम में बंद गोवंश
मोक्षधाम में बंद गोवंश
-पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही छोड़ भागे आरोपी
राजाखेड़ा. उपखंड मुख्यालय पर आवारा गायों के आतंक से पीडि़त किसानों ने रविवार रात्रि में फसल नष्ट कर रहीं सैंकड़ों गायों को हांककर हाट मैदान स्थित मुक्तिधाम में बंद कर दिया। जिससे कुछ समय के लिए खेतों को नुकसान से तो बचा लिया लेकिन प्रात:काल जब लोगों ने गायों को मुक्तिधाम में बंद देखा तो आक्रोश फैलने लगा और वहां भीड़ एकत्रित होने लगी। माहौल गर्म होता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। लेकिन पुलिस के आने से पहले ही लोगों ने मुक्तिधाम के तालों को खोलकर गायों को रिहा कर दिया।
कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन रहीं आवारा गायें
राजाखेडा उपखंड में हजारों की तादाद में आवारा गायें किसानों की फसलों को चट कर रही हैं। ऐसे में किसानों में खासा आक्रोश है लेकिन न तो उपखंड प्रशासन न ही जिला प्रशासन कोई कार्यवाही कर पाया है। ऐसे में किसान ऐसे गोवंश को अपने खेतों से हांक देते है तो ये दूसरे खेतो में प्रवेश कर जाते है और एक दूसरे को दोषी ठहराकर किसानों में ही झगड़ा प्रारम्भ हो जाता है।
शहरी क्षेत्र में भी हालत खराब
आवारा जानवर और गोवंश मुख्यालय पर भी बड़ी समस्या बन चुका है। अवैध सब्जी मंडी के व्यपारियों द्वारा खराब फ ल और सब्जी को खुले में ही फेंक दिए जाते हैं। ऐसे कचरे के ढेरों पर भी ये भूखीं गायें पेट भरने के प्रयास में रहती हैं। कभी कभी ये आपस मे ही लड़ जाती हंै और राहगीरों को चोटिल कर देती हैं।
कस्बे में सांड बन रहे जानलेवा
कस्बेे में अंदरूनी क्षेत्र और बाजार में भी दर्जनों सांड पूरे दिन उपद्रव करते रहते हंै। कुछ सांड तो खासे हिंसक हैं जिनसे लोग खासे आतंकित हैं। ये पिछले 6 माह में दर्जनों लोगों को हमला कर गंभीर घायल कर चुके हैं। ऐसे में कई इलाकों में तो लोगों ने अपने बच्चों को घर से निकलना ही बंद कर दिया है। जबकि बाजारों में ये खरीदारी करने आये लोगो के थैले छीनकर उनका बड़ा नुकसान कर देते हैं।
क्या है कारण
पशुपालन विभाग की लापरवाही से सम्पूर्ण उपखंड में उच्च नस्ल के पशुओं का अभाव है। अधिकांश पशु अनुत्पादक होते जा रहे हैं। ऐसे में पशुपालन लागत बढऩे से उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है। पिछले वर्षों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ते हुए हजारों में पहुंचकर विकराल समस्या बन चुकी है। दूसरे एक दशक पूर्व नगरपालिका ने अपना कांजी हाउस नीलाम कर दिया। जो समस्या का सबसे बड़ा कारण बन गया। साथ ही चारागाह की जमीनों पर भी दबंगों के कब्जे से भी हालत अब अनियंत्रित होते जा रहे हैं।
इनका कहना
सभी पक्षों की समस्याओं को प्रशाशन को देखना पड़ेगा और समय रहते उनका निराकरण करना ही पड़ेगा। अन्यथा हालात काबू से बाहर हो जाएंगे।
लक्ष्मीकांत गुप्ता, समाजसेवी
सरकार को गोशालाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। सैंकड़ों की संख्या में गोवंश को उत्तरप्रदेश हांककर ले जा रहे हैं।
योगेन्द्र ठाकुर, गोसेवक
Published on:
04 Feb 2019 08:37 pm
