
पहली बार खेला कुशवाह प्रत्याशी पर दावं
स ने पहली बार खेला कुशवाह प्रत्याशी पर दावं
अब तक ब्राह्मण समाज ही रहा है पहलीकांग्रे पसंद
धौलपुर. कांग्रेस ने धौलपुर के इतिहास में पहली बार कुशवाह प्रत्याशी पर दावं खेला है। जबकि अभी तक कांग्रेस की पहली पसंद ब्राह्मण प्रत्याशी ही रहा है। वर्ष 1952 से अब तक हुए 15 चुनाव में कांग्रेस ने 13 बार ब्राह्मण समाज से प्रत्याशी मैदान में उतारा है। जबकि भाजपा ने कुशवाह समाज से चौथी बार प्रत्याशी मैदान में उतारा है। भाजपा ने वर्ष 1998 में पहली बार कुशवाह समाज से शिवराम कुशवाह पर दावं खेला था, जिसमें वे विजयी रहे थे। हालांकि 2003 में फिर से टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के बनवारीलाल शर्मा से पराजित हुए। इसके बाद वर्ष 2017 में हुए उपचुनाव में फिर से भाजपा ने कुशवाह से शोभारानी को मैदान में उतारा, जिन्होंने जीत दर्ज की। अब फिर से भाजपा ने शोभारानी पर ही दावं खेला है। मजे की बात तो यह है कि वे भाजपा प्रत्याशी शोभारानी कुशवाह के जीजा हैं। वे हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। दोनों ही पार्टियों की ओर से कुशवाह समाज को प्रत्याशी बनाने के बाद मुकाबला रोचक हो गया है।
सात बार कांग्रेस, पांच बार भाजपा रही विजयी
धौलपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक हुए 15 चुनाव में सात बार कांग्रेस ने बाजी मारी है, जबकि पांच बार भाजपा ने परचम लहराया है। वहीं एक-एक बार बसपा, सोशलिस्ट पार्टी व जेएनपी के प्रत्याशी जीते हैं।
विरोध के स्वर भी फूटे
कांग्रेस का टिकट शिवचरण कुशवाह को मिलने के बाद अन्य दावेदारों में विरोध के स्वर फूट रहे हैं। कांग्रेस का टिकट मांग रहे सीपी शर्मा तथा सतीश शर्मा मैनेजर ने विरोध करते हुए इसे कांग्रेस नेताओं की मनमानी तथा धांधली का आरोप लगाया है। साथ ही दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर निर्दलीय के तौर पर मैदान में उतरने की बात कही है।
बसपा प्रत्याशी ने भरा नामांकन
धौलपुर से बसपा प्रत्याशी किशनचंद शर्मा ने शुक्रवार को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष बसपा से नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने बसपा पार्टी से ही तीन नामांकन पत्र दाखिल किए।
राजाखेड़ा में अभी सस्पेंस बरकरार
धौलपुर. कांग्रेस ने जिले की चार में से तीन सीटों पर गुरुवार देर रात प्रत्याशी घोषित कर दिए, लेकिन राजाखेड़ा का टिकट अटका कर संस्पेंस पैदा कर दिया है। पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह की परम्परागत सीट राजाखेड़ा पर इस बार वे अपने पुत्र प्रदेश कांग्रेस सचिव रोहित बोहरा को उतारना चाह रहे हैं। लेकिन पहली सूची में नाम नहीं आने पर संशय बढ़ गया है। कयास लगाए जा रहे हैं इस सीट पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता मोहनप्रकाश का भी नाम भी चल रहा है। वहीं राजाखेड़ा से विधायक रहे रवीन्द्र सिंह बोहरा ने भाजपा छोड़ दी है और वे भी अपने पुत्र विवेक सिंह बोहरा के लिए कांग्रेस टिकट की जुगत में जुट गए हैं। हालांकि उनकी मंशा धौलपुर से कांग्रेस टिकट पर थी। अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि राजाखेड़ा में से तीनों में से किसी एक को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
Updated on:
23 Nov 2018 02:50 pm
Published on:
23 Nov 2018 02:50 pm
