
आनन्द नगर कालोनी में घरों के आगे गन्दे पानी का भराव
धौलपुर. धौलपुर नगर परिषद में प्रथम चरण में हजारों जागरुक मतदाताओं ने अपना फर्ज निभाते हुए वोट किए, अब उन्हें 14 सितम्बर को ईवीएम मशीनों के खुलने का इंतजार है, जिससे वह अपने नुमाइंदों को फिर से समस्याओं और आपबीती की तस्वीर दिखाने के साथ बता सकें। शहर में सैंपऊ रोड, बाड़ी रोड समेत अन्य कई स्थानों की कॉलोनियों में जलभराव और सीवरेज की समस्या जस की तस बनी हुई है। इन कॉलोनियों में से बारिश के बाद तो निकलना मुश्किल हो जाता है।
बारिश के बाद फिर से रास्ते में जलभराव हो गया और बीते तीन दिन की कडक़ धूप में जो पानी थोड़ा-बहुत सूखा था, वह फिर से गलियों में हो गया। उधर, नगर परिषद प्रशासन ने अधिक समस्या वाली और बंद आम रास्तों में ट्रेक्टर पंप सेट लगवा कर जल निकासी कराने का प्रयास हो रहा है लेकिन सीवरेज चौक होने और कई जगह जलभराव होने से प्रयास कम पड़ते दिख रहे हैं। शहर की इन कॉलोनियों में समस्या बीते करीब 3 साल से हैं लेकिन अभी तक हल नहीं निकल पाया है। शहर में एक पंप सेट का निर्माण होना था लेकिन वह भी कोर्ट के आदेश पर कार्य को रोक दिया गया है। उधर, नगर परिषद की ओर से पूर्व में जो प्लान शहर की समस्या को निजात दिलाने के लिए भेजा था, उस पर सरकार पहले ही हाथ खड़ी कर चुकी थी। हालांकि, इस बीच जो अन्य उपाय स्थानीय स्तर पर किए गए वह ऊंट के मुंह में जीरे के सामन रहे।
ओडेला रोड के हादसे ने बताया, बाहर निकले तो...
शहर में ओडेला रोड क्षेत्र की कॉलोनी में एक तीन वर्षीय मासूम बालिका के जलभराव वाले रास्ते में डूबने हुई मौत ने हरेक को झकझोर दिया। उस मासूम की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन था, इसको लेकर भी सिस्टम चुप है। पुलिस हादसे के बाद पहुंची तो उसकी भी सांसे फूल गई कि यह लोग कैसे आते-जाते होंगे। हादसे वाले ही दिन शहर के लोग अपनी नई सरकार का भाग्य तय कर रहे थे लेकिन इस दौरान इस हादसे ने लोगों को भावुक कर दिया। वहां कॉलोनी के आम रास्ते पर इस कदर जलभराव है कि लोग बाइक से भी नहीं निकल पा रहे थे।
- शहर में जिन कॉलोनियों के आम रास्ते में जलभराव है, वहां पंपसेट लगाकर पानी निकलवा रहे हैं। साथ ट्रेक्टर इंजन भी लगवा दिए। लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीवरेज की भी सफाई हो रही है।
- विष्णु परमार, आयुक्त धौलपुर
- बहिष्कार के बैनर लगाने के बाद परिषद ने एक ट्रॉली गिट्टी रास्ते में डलवाई लेकिन खाली प्लॉटों में जल भराव में मच्छरों के पनपने से रहना मुश्किल हो रहा है। जलभराव और सीवरेज की समस्या में कोई फर्क नहीं है।
- एड.प्रमोद कुमार, निवासी वार्ड संख्या 8
- बीते तीन साल से स्थानीय लोग समेत कई कॉलोनी के रहवासी नरकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के दौरान तो हालात और बिगड़ जाते हैं। किसी को कोई रत्तीभर भी फर्क नहीं पड़ता है कि यह लोग किस तरह आते-जाते होंगे।
- राकेश शर्मा निवासी आनन्द नगर
Updated on:
13 Sept 2026 06:59 pm
Published on:
13 Sept 2026 06:58 pm
